कुरुक्षेत्र NIT में छात्रा सुसाइड के बाद बड़ी कार्रवाई, हॉस्टल वार्डन बदलीं, छात्रों का हंगामा... CBI जांच की मांग

Edited By Isha, Updated: 18 Apr, 2026 02:33 PM

major action at nit kurukshetra following student suicide

हरियाणा के में बीटेक छात्रा दीक्षा के सुसाइड मामले के बाद संस्थान प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गर्ल्स हॉस्टल की चीफ वॉर्डन, डिप्टी वॉर्डन और एसोसिएट डीन स्टूडेंट वेलफेयर को बदल दिया है

कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): हरियाणा के में बीटेक छात्रा दीक्षा के सुसाइड मामले के बाद संस्थान प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गर्ल्स हॉस्टल की चीफ वॉर्डन, डिप्टी वॉर्डन और एसोसिएट डीन स्टूडेंट वेलफेयर को बदल दिया है। इस घटना के बाद कैंपस में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और देर रात तक हंगामा व धरना-प्रदर्शन चलता रहा।

संस्थान के प्रवक्ता प्रो. ज्ञान भूषण के अनुसार, गर्ल्स हॉस्टल की चीफ वॉर्डन डॉ. वृंदा गोयल की जगह प्रो. ज्योति ओहरी को नियुक्त किया गया है, जबकि डिप्टी चीफ वॉर्डन के रूप में डॉ. रितु गर्ग को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, एसोसिएट डीन स्टूडेंट वेलफेयर के पद पर प्रो. वीके वाजपेयी और डॉ. पूनम जिंदल को लगाया गया है।

सुसाइड नोट में छलका दर्द
छात्रा दीक्षा (19) ने अपनी नोटबुक में सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें लिखा— “मम्मी-पापा, मैं कुछ करके नहीं दिखा पाई, मैंने आपके पैसे बर्बाद कर दिए।” यह नोट सामने आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।

पिता बोले—हम चुप नहीं बैठेंगे
अस्पताल पहुंचे दीक्षा के पिता शशि कुमार दुबे ने कहा कि उनकी बेटी पढ़ाई में शुरू से होशियार थी और कॉलेज में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही थी। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे जरूर कोई वजह है और वे न्याय के लिए हर स्तर तक लड़ाई लड़ेंगे। “जरूरत पड़ी तो बिहार तक जाएंगे, लेकिन बेटी को इंसाफ दिलाकर रहेंगे,” उन्होंने कहा।

छात्रों का आरोप—मेंटल हैरेसमेंट, प्रोफेसरों पर सवाल
छात्रों ने आरोप लगाया कि कैंपस में पिछले डेढ़-दो महीनों में यह चौथा सुसाइड है, लेकिन प्रशासन ने गंभीरता से कदम नहीं उठाए। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि एक प्रोफेसर ने कथित तौर पर कहा था कि “सुसाइड करना है तो कॉलेज के बाहर करो।”
छात्रों ने यह भी कहा कि उन्हें मेंटल हैरेसमेंट झेलना पड़ता है और डिग्री रोकने का दबाव बनाया जाता है।

हंगामे के बाद कैंपस में छुट्टियां घोषित
घटना के बाद छात्रों ने देर रात तक प्रदर्शन किया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने मुख्य गेट बंद कर पुलिस बुला ली। करीब 6 घंटे बाद डायरेक्टर प्रो. ब्रह्मजीत के आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए।
इसके बाद संस्थान ने 17 अप्रैल से 4 मई तक छुट्टियां घोषित कर दी हैं। वाइवा अब ऑनलाइन होंगे, जबकि एंड सेमेस्टर परीक्षाएं ऑफलाइन ही होंगी।

घटना का घटनाक्रम
गुरुवार को दीक्षा लैब से लौटकर हॉस्टल आई थी। उसकी एक दोस्त मैस में खाना खाने चली गई, जबकि दीक्षा कमरे में चली गई। काफी देर तक कॉल रिसीव न करने पर दोस्त ने कमरे पर जाकर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। झांककर देखने पर दीक्षा फंदे से लटकी मिली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया।

वार्डन और हेल्थ टीम पर भी सवाल
छात्रों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद वार्डन ने तुरंत दरवाजा नहीं खोला और हेल्थ टीम ने बाहर से ही देखकर छात्रा को मृत घोषित कर दिया। इस लापरवाही को लेकर भी छात्रों में भारी नाराजगी है।

2 महीने में 4 सुसाइड, बढ़ी चिंता
इससे पहले भी संस्थान में तीन अन्य छात्र आत्महत्या कर चुके हैं, जिससे कैंपस में तनाव का माहौल बना हुआ है। छात्रों ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई है। शाहाबाद के डीएसपी राजकुमार ने कहा कि छात्रों की शिकायत के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी और सभी मुद्दों का समाधान किया जाएगा। यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि संस्थान में बढ़ते मानसिक दबाव और सिस्टम पर उठते सवालों की गंभीर तस्वीर पेश कर रहा है।

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