हांसी में जनआंदोलन; 19वें दिन भी नहीं टूटा हौसला...80 साल की दादी समेत 51 महिलाएं भूख हड़ताल पर बैठीं

Edited By Krishan Rana, Updated: 03 Jun, 2026 08:43 PM

mass movement in hansi spirits remain unbroken even on day 19  51 women incl

हांसी स्थित गांव चैनत में बिजली और पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार 19वें दिन भी

हांसी (संदीप सैनी): हांसी स्थित गांव चैनत में बिजली और पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार 19वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर 51 महिलाएं भूख हड़ताल पर बैठी हैं, जिनमें एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला भी शामिल हैं। महिलाओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक गांव की बिजली और पानी की समस्या का समाधान नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।  

भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना स्थल पर मौजूद 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला रामरती ने बताया कि ग्रामीण केवल अपने अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। गांव के लोगों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और वह अपनी उम्र की परवाह किए बिना इस लड़ाई में ग्रामीणों के साथ खड़ी हैं।
 
गांव के पूर्व सरपंच सत्यवान ने आरोप लगाया है कि प्रशासन आंदोलन को दबाने के लिए ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज कर रहा है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले ग्रामीणों को कानूनी कार्रवाई का भय दिखाना उचित नहीं है। सत्यवान ने प्रशासन से दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग की।

धरने में सक्रिय भूमिका निभा रहीं विशाखा चौधरी ने विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति के बिना उनकी जमीन में खुदाई की गई है। चौधरी ने दावा किया कि जमीन पैमाइश रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए विभाग ने किसानों की एक से दो करम तक भूमि का उपयोग किया है।

विशाखा चौधरी ने बताया कि 29 मई को उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर संपत्ति को हुए नुकसान की जानकारी दी थी। हालांकि, कार्रवाई करने की बजाय किसानों और ग्रामीणों पर ही मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों का विरोध केवल अपनी जमीन और स्वामित्व अधिकारों की रक्षा के लिए है।

धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने दोहराया कि बिजली, पानी और भूमि से जुड़े विवाद का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। महिलाओं की बड़ी भागीदारी और भूख हड़ताल के चलते अब यह आंदोलन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं आज होने वाली उपायुक्त के साथ बैठक को आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

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