'गब्बर इज बैक' के नारों के बीच संगठन के मंच पर छाए अनिल विज, CM सैनी ने खुद बुलाकर दिया सम्मान

Edited By Krishan Rana, Updated: 03 Jun, 2026 07:31 PM

anil vij dominated the stage of the organization amidst the chants of  gabbar is

हरियाणा भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के दायित्व ग्रहण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी):  हरियाणा भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के दायित्व ग्रहण कार्यक्रम में उस समय राजनीतिक और संगठनात्मक संदेश साफ तौर पर दिखाई दिया, जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज को विशेष सम्मान देते हुए मंच पर बुलाकर अपने साथ स्थान दिया। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना रहा।

कार्यक्रम स्थल पर जैसे ही अनिल विज पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विज अपनी निर्धारित सीट पर बैठने जा रहे थे, तभी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें संकेत करते हुए मंच पर बुला लिया। इसके बाद विज को मंच पर सम्मानजनक स्थान दिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने "गब्बर इज़ बैक" के जोरदार नारे लगाए, जिससे पूरा सभास्थल गूंज उठा।

दिलचस्प बात यह रही कि कार्यक्रम में कई मंत्री मौजूद थे, लेकिन मंच पर अनिल विज के अलावा किसी अन्य मंत्री को स्थान नहीं मिला। इससे विज की संगठन और सरकार में अहमियत को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। मंच से संबोधित कर रहे भाजपा के हरियाणा प्रभारी ने भी इस माहौल पर हल्की-फुल्की चुटकी लेते हुए माहौल को और रोचक बना दिया।

अनिल विज भाजपा के सबसे वरिष्ठ विधायकों में शामिल हैं। वह लगातार सातवीं बार अंबाला कैंट विधानसभा क्षेत्र से जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। भाजपा के संघर्ष के दौर में जब पार्टी के विधानसभा में गिने-चुने विधायक हुआ करते थे, तब विज उन प्रमुख नेताओं में शामिल रहे जिन्होंने पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर उनका लंबा अनुभव उन्हें भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार करता है।

हरियाणा में भाजपा सरकार को साढ़े 11 वर्ष से अधिक का समय हो चुका है और अनिल विज इस दौरान बनी भाजपा की तीनों सरकारों में लगातार कैबिनेट मंत्री रहे हैं। उनकी कार्यशैली भी अन्य नेताओं से अलग मानी जाती है। मंत्री रहने के बावजूद उन्होंने आज तक चंडीगढ़ में सरकारी कोठी आवंटित नहीं करवाई। वह प्रतिदिन अंबाला कैंट से चंडीगढ़ आना-जाना करते हैं। समर्थक इसे उनकी सादगी और अपने विधानसभा क्षेत्र से लगातार जुड़े रहने की कार्यशैली के रूप में देखते हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सार्वजनिक रूप से अनिल विज को मंच पर बुलाकर सम्मान देना केवल शिष्टाचार भर नहीं था, बल्कि यह पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के प्रति सम्मान और संगठनात्मक एकजुटता का संदेश भी था। विज का संगठन से भी पुराना नाता रहा है। वह भाजपा युवा मोर्चा हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं।

दायित्व ग्रहण समारोह में दिखी यह तस्वीर भाजपा के भीतर अनुभव, वरिष्ठता और संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं के सम्मान के संदेश के रूप में भी देखी जा रही है। "गब्बर इज़ बैक" के नारों और मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए विशेष सम्मान ने एक बार फिर अनिल विज को कार्यक्रम का सबसे चर्चित चेहरा बना दिया।

 

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