कुरुक्षेत्र NIT में विवादों के बीच नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, डायरेक्टर पद के लिए मंत्रालय ने मांगे आवेदन

Edited By Harman, Updated: 29 May, 2026 05:53 PM

new appointment process initiated at nit kurukshetra amidst controversies

हरियाणा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में पिछले करीब दो महीनों से लगातार चल रहे प्रशासनिक विवादों, कार्रवाई और छात्रों से जुड़े गंभीर घटनाक्रमों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नए डायरेक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी...

कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : हरियाणा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में पिछले करीब दो महीनों से लगातार चल रहे प्रशासनिक विवादों, कार्रवाई और छात्रों से जुड़े गंभीर घटनाक्रमों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नए डायरेक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग ने संस्थान में नियमित डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित करते हुए नोटिफिकेशन जारी किया है।

मंत्रालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इच्छुक उम्मीदवार 1 जून से 30 जून तक आवेदन कर सकेंगे। नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होते ही NIT परिसर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लंबे समय से संस्थान की कार्यशैली और प्रशासनिक फैसलों को लेकर असंतोष जता रहे कुछ शिक्षक, कर्मचारी और अन्य लोग भी अब खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों संस्थान से जुड़ी कई शिकायतें सीधे केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय तक पहुंचाई गई थीं, जिसके बाद NIT में लगातार बड़े प्रशासनिक फैसले देखने को मिले। घटनाक्रम ने उस समय बड़ा मोड़ लिया जब 29 मार्च को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तत्कालीन डायरेक्टर प्रो. बीवी रमना रेड्डी की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अनियमितताओं के आरोपों के बीच करीब एक महीने पहले जॉइंट रजिस्ट्रार ज्ञान रंजन सामंत्रे को भी निलंबित किया गया। वहीं 25 अप्रैल को प्रो. बीवी रमना रेड्डी का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया। मंत्रालय ने इसके बाद प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को कार्यकारी डायरेक्टर नियुक्त किया, जो वर्तमान में संस्थान की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

इधर, वर्ष 2026 में NIT कुरुक्षेत्र लगातार छात्र आत्महत्या की घटनाओं को लेकर भी चर्चा में रहा है। 16 फरवरी को तेलंगाना निवासी 19 वर्षीय छात्र अंगोद शिवा ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद 31 मार्च को नूंह जिले के घासेड़ा निवासी 22 वर्षीय पवन कुमार ने भी आत्महत्या कर ली। पवन कुमार इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सेकेंड ईयर का छात्र था।इसके बाद 9 अप्रैल को सिरसा जिले के गांव शेरपुर निवासी 22 वर्षीय प्रियांशु वर्मा, जो बीटेक थर्ड ईयर का छात्र था, का शव हॉस्टल के कमरे में मिला। वहीं 16 अप्रैल को बिहार के बक्सर निवासी 19 वर्षीय दीक्षा दुबे ने अपने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दीक्षा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस की छात्रा थी। दीक्षा की मौत के बाद एक अन्य छात्रा द्वारा भी आत्महत्या का प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

उधर, संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (BOG) में भी बदलाव की स्थिति बन गई है। NIT की बीओजी चेयरपर्सन डॉ. तेजस्विनी अनंता कुमार का छह महीने का कार्यकाल 24 मई को पूरा हो गया। उनकी नियुक्ति 25 नवंबर 2025 को की गई थी। अब संस्थान को नया बीओजी चेयरपर्सन या चेयरमैन भी मिलना बाकी है। लगातार बदलते प्रशासनिक घटनाक्रम और विवादों के बीच अब NIT कुरुक्षेत्र के प्रशासनिक ढांचे में आने वाले समय में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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