Edited By Isha, Updated: 29 Jul, 2026 02:23 PM

तीर्थ स्थित पवित्र वट वृक्ष पर अब श्रद्धालु मन्नत का धागा नहीं बांध सकेंगे। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने वट वृक्ष के संरक्षण के लिए यह निर्णय लिया है। बोर्ड यहां पीतल का गीता ज्ञान स्तंभ स्थापित करने की तैयारी में है
कुरुक्षेत्र: तीर्थ स्थित पवित्र वट वृक्ष पर अब श्रद्धालु मन्नत का धागा नहीं बांध सकेंगे। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने वट वृक्ष के संरक्षण के लिए यह निर्णय लिया है। बोर्ड यहां पीतल का गीता ज्ञान स्तंभ स्थापित करने की तैयारी में है। श्रद्धालु अब इसी नए स्तंभ पर अपनी श्रद्धा और मन्नत का धागा बांध सकेंगे। यह स्तंभ करीब 10 फीट ऊंचा और छह इंच व्यास का होगा। इस पर भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के रथ का आकर्षक चित्र उकेरा जाएगा।
इसके शीर्ष पर बजरंग बली की पताका स्थापित की जाएगी। बोर्ड का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहेगी। साथ ही पवित्र वट वृक्ष को धागे बाँधने से होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
ज्योतिसर तीर्थ का वट वृक्ष वह स्थान है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आकर अपनी मनोकामना पूर्ण होने की कामना से धागा बांधते हैं। यह हजारों वर्षों से चली आ रही परंपरा है। लगातार बढ़ते धागों से वृक्ष की प्राकृतिक संरचना और संरक्षण पर चिंता बढ़ रही थी, जिस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी चिंता जताई थी। उन्होंने पीतल का स्तंभ स्थापित करने के लिए बोर्ड को स्वीकृति दी है।