Edited By Isha, Updated: 02 Aug, 2026 11:55 AM

शहर के गुरुनानकपुरा में एक मकान को बाकायदा 'चिट्टा सेंटर' बना दिया गया था। यहां आने वाले युवकों से 200 से 500 रुपये तक लेकर उन्हें हेरोइन (चिट्टा) उपलब्ध कराई जाती थी और उसी कमरे में बैठाकर नशा कराया जाता था
फतेहाबादः शहर के गुरुनानकपुरा में एक मकान को बाकायदा 'चिट्टा सेंटर' बना दिया गया था। यहां आने वाले युवकों से 200 से 500 रुपये तक लेकर उन्हें हेरोइन (चिट्टा) उपलब्ध कराई जाती थी और उसी कमरे में बैठाकर नशा कराया जाता था। शुक्रवार रात को थाना शहर पुलिस की रेड में इस पूरे खेल का पर्दाफाश हो गया।
पुलिस ने मौके से 15 युवकों, एक महिला और एक नाबालिग को काबू किया। पुलिस ने 5.64 ग्राम हेरोइन, 25 लाइटर, 18 सिल्वर फायल और करेंसी नोटों से बनाई गई 15 पाइपें बरामद की हैं। जांच में सामने आया कि मकान पर आने वाले युवकों से 200 से 500 रुपये तक वसूले को जाते थे। इसके बाद उन्हें चिट्टा बौंद दिया जाता और वहीं कमरे में बैठाकर नशा कराया जाता था।
आरोपितों में मोनू, हरविंद्र, प्रेम, गुरनाम चंद, राहुल, आकाश, सागर, राकेश, हरप्रीत सिंह, छिंदा, सलीम उर्फ लखनलाल, उग्रसेन, कुलदीप गोदारा, अमित, प्रमोद और जसबीर कौर उर्फ किन्द्री शामिल हैं। एक नाबालिग को किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामले में शामिल किया है।
पुलिस के पहुंचते ही कमरे में अफरा-तफरी मच गई व सभी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि गुरुनानकपुरा में करीब डेढ़ वर्ष से पुलिस की विशेष तैनाती है। इसके बावजूद एक मकान में खुलेआम नशा बेचा और कराया जाता रहा। इससे साफ है कि कार्रवाई के बावजूद नशा कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।