Edited By Isha, Updated: 02 Aug, 2026 12:22 PM

खराब गुणवत्ता वाली ई-रिक्शा और वारंटी के नाम पर लगातार टालमटोल से परेशान होकर शहर की अग्रवाल कालोनी निवासी मंजीत ने रविवार को अपना ई-रिक्शा आग के हवाले कर दिया। आत्मघाती कदम
फतेहाबादः खराब गुणवत्ता वाली ई-रिक्शा और वारंटी के नाम पर लगातार टालमटोल से परेशान होकर शहर की अग्रवाल कालोनी निवासी मंजीत ने रविवार को अपना ई-रिक्शा आग के हवाले कर दिया। आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया, लेकिन स्वजन और आसपास के लोगों ने बचा लिया। मंजीत ने बताया कि उन्होंने अपने भाइयों और दोस्तों के साथ मिलकर करीब छह से सात ई-रिक्शा खरीदे थे।
पीड़ित मंजीत ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्होंने अपने भाइयों और दोस्तों के साथ मिलकर रोजी-रोटी कमाने के लिए करीब 6 से 7 ई-रिक्शा खरीदे थे। इसके लिए उन्होंने कर्ज लेकर 8 से 8.5 लाख रुपये का बड़ा निवेश किया था। मंजीत का आरोप है कि खरीदारी के वक्त एजेंसी संचालक ने उन्हें कोई पक्का बिल या वारंटी कार्ड तक मुहैया नहीं कराया।
खरीदारी के महज दो-तीन महीने के भीतर ही सभी ई-रिक्शा में बैटरी और तकनीकी स्तर पर गंभीर समस्याएं आने लगीं। जब भी मंजीत या उनके साथी एजेंसी पर शिकायत लेकर गए, उन्हें हर बार केवल कोरा आश्वासन देकर टाल दिया गया। लगातार हो रहे नुकसान और कर्ज के दबाव ने उन्हें इस चरम कदम को उठाने पर मजबूर कर दिया।