हरियाणा में राजस्व संबंधी शिकायतें 48 घंटे के भीतर हल होंगी, ये नई सेवा हुई शुरू...अब नहीं होगी कोई परेशानी

Edited By Isha, Updated: 17 Apr, 2026 05:52 PM

revenue related complaints in haryana will be resolved within 48 hours

हरियाणा के राजस्व विभाग ने रजिस्ट्रेशन और अन्य राजस्व सेवाओं से जुड़ी जनता की शिकायतों के समय पर समाधान के लिए एक विशेष 'सिटीजन हेल्पडेस्क' शुरू करने की घोषणा की है। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि...

चंडीगढ़: हरियाणा के राजस्व विभाग ने रजिस्ट्रेशन और अन्य राजस्व सेवाओं से जुड़ी जनता की शिकायतों के समय पर समाधान के लिए एक विशेष 'सिटीजन हेल्पडेस्क' शुरू करने की घोषणा की है। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के आदेश पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य शिकायतों के समाधान में होने वाली देरी को खत्म करना, अनियमितताओं पर रोक लगाना और पूरे राज्य में सरकारी सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सुगम बनाना है।

उन्होंने कहा कि यह 'सिटीजन हेल्पडेस्क' एक 'सिंगल-विंडो' प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा, जहाँ हरियाणा के निवासी तहसीलों में टोकन मंज़ूरी में देरी, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम में तकनीकी दिक्कतें, पेपरलेस रजिस्ट्रेशन से जुड़ी समस्याएं, भ्रष्टाचार, अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न या सरकारी सेवाओं, खासकर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़ी किसी भी अनियमितता के बारे में शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

दो तरीकों से संपर्क किया जा सकता है

डॉ. मिश्रा ने बताया कि नागरिक दो माध्यमों से हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं - निर्धारित लैंडलाइन नंबर 0172-271-1693 पर कॉल करके या आधिकारिक ईमेल helpdesk-rev@hry.gov.in पर लिखकर। यह हेल्पडेस्क सोमवार से शुक्रवार तक, सभी कार्य दिवसों में सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चालू रहेगा। शिकायत दर्ज होने के बाद, शिकायतकर्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक 'ऑटो-जेनरेटेड' (स्वचालित रूप से तैयार) यूनिक शिकायत नंबर भेजा जाएगा। इससे शिकायत की 'रियल-टाइम' (तत्काल) ट्रैकिंग संभव हो सकेगी और नागरिक सरकारी कार्यालय में बार-बार जाए बिना ही अपनी शिकायत की स्थिति जान सकेंगे, जिससे इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए समय-सीमा निर्धारित

उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत, समस्या का समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर करना अनिवार्य होगा। यदि रजिस्ट्रेशन टोकन पाँच दिनों के भीतर मंज़ूर नहीं होता है, तो नागरिक सीधे हेल्पडेस्क पर इस मामले को उठा सकते हैं। किसी भी चरण पर अनावश्यक देरी होने की स्थिति में, टोकन धारकों को तुरंत संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि टोकन मंज़ूर होने के बाद, आवेदकों को दस दिनों के भीतर अपॉइंटमेंट बुक करना होगा, वरना सिस्टम द्वारा टोकन अपने आप रद्द कर दिया जाएगा। इसी तरह, अगर अपॉइंटमेंट बुक करने के बीस दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो संबंधित टोकन भी अपने आप रद्द हो जाएगा।

48 घंटे में समाधान की गारंटी

हेल्पडेस्क के ज़रिए दर्ज सभी शिकायतों का समाधान 48 घंटे के भीतर करना अनिवार्य होगा। यह सख्त समय-सीमा विभाग की त्वरित कार्रवाई के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इससे लंबित शिकायतों में काफी कमी आने की उम्मीद है।

केंद्रीयकृत निगरानी डैशबोर्ड

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि हेल्पडेस्क खुद एक प्रशासनिक बाधा न बन जाए, एक केंद्रीयकृत निगरानी डैशबोर्ड भी स्थापित किया गया है। राजस्व और वित्त आयुक्तों तथा उपायुक्तों की इस डैशबोर्ड तक सीधी पहुँच होगी, जिससे वे शिकायतों के समाधान की स्थिति को वास्तविक समय में देख सकेंगे।

उन्होंने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन से संबंधित शिकायतों के लिए, नागरिकों को शिकायत दर्ज करते समय अपना रजिस्ट्रेशन टोकन नंबर देना अनिवार्य होगा, ताकि संबंधित मामले की पहचान करके उसका तुरंत समाधान किया जा सके।

डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि यह पहल कर सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नागरिकों को अपनी समस्याओं को व्यक्त करने के लिए एक सीधा और सुलभ माध्यम प्रदान करके, और निर्धारित समय-सीमा के भीतर अधिकारियों को जवाबदेह बनाकर, हरियाणा सरकार ने एक स्पष्ट संकेत दिया है कि नागरिक सेवा वितरण में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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