PWD के सरकारी बाबुओं का अजीब कारनामा, बिना पेड़ हटाए ही बना डाली सड़क(VIDEO)

Edited By Deepak Paul, Updated: 15 Dec, 2018 05:50 PM

अपने कामों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले pwd के सरकारी बाबूओं का अजीब कारनामा फतेहाबाद में देखने को मिला। कारनामे को देख जहां लोगों को विभाग के अधिकारियों पर हैरत हो रही तो वहीं गुस्सा भी देखा जा रहा है, क्योंकि विभाग की यह बड़ी लापरवाही किसी के...

फतेहाबाद(रमेश भट्ट): अपने कामों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले pwd के सरकारी बाबूओं का अजीब कारनामा फतेहाबाद में देखने को मिला। कारनामे को देख जहां लोगों को विभाग के अधिकारियों पर हैरत हो रही तो वहीं गुस्सा भी देखा जा रहा है, क्योंकि विभाग की यह बड़ी लापरवाही किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती थी। दरअसल पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा अभी हाल ही में गांव शेखूपुर दड़ौली और बनावली के बीच सड़क का निर्माण किया गया है।

जहां रास्ते पर सड़क बनाई गई है, उस रास्ते के ठीक बीचोंबीच करीब दर्जन भर हरे पेड़ खड़े हैं। विभागीय अधिकारियों ने सड़क निर्माण से पूर्व ही इन वृक्षों को हटाने की जहमत नहीं उठ़ाई और वहां सड़क का निर्माण कर ड़ाला।
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सड़क के बीच पेड़ होने के कारण जहां और यहां हादसे का खतरा बना हुआ है वहीं विभागीय अधिकारियों की इस लालफीता शाही पर लोगों को हैरत भी हो रही है। हालत यह है कि अधिकारियों की इस बड़ी लापरवाही का नमूना देखने के लिए दूर दराज से लोग यहां आ रहे हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग की यह लापरवाही जब वायरल हुई और विभाग पर उंगुलियां उठने लगी तो विभाग के अधिकारियों की नींद खुली और अधिकारियों ने वहां जाकर उस सड़क के रास्ते को बंद करवाया तथा यहां हादसे न हो सके इसके लिए और भी प्रबंध किए गए।
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सड़क निर्माण में इतनी बड़ी चूक को विभाग के अधिकारियों ने चूक माना और कहा विभाग कि ओर से सड़क के निर्माण से पूर्व वन विभाग को इन वृक्षों को हटाने के लिए लिखा था, मगर अप्रूवल मिलने से पूर्व ही पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई और ठेकेदार ने इसका निर्माण करवा दिया।
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विभाग के कार्यकारी अभियंता ने कहा कि ठेकेदार और जेई की इस लापरवाही पर जहां जेई के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जा रही हैं वहीं ठेकेदार को भी ब्लैकलिस्टेड करने की भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं इस पूरे मसले पर वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस पीडब्ल्यू विभाग की ओर से उनके पास उक्त वृक्षों को हटाने के लिए आवेदन आया था, जिसे अनुमति के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेजा गया है, अनुमति मिलते ही वृक्षों को हटा दिया जाएगा। 

यहां सवाल यह उठता है कि सड़क निर्माण को लेकर गलती भले ही किसी विभाग की रही हो मगर, यहां कोई हादसा होता है तो क्या खामियाजा केवल आम जनता को ही भुगतना पड़ेगा।
 

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