Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 28 Jul, 2026 09:02 PM

मंगलवार दोपहर को हुई बारिश के बाद जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल गई वहीं, इस बारिश ने एक बार फिर गुड़गांव को जलमग्न कर दिया। बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित रहने वाले नरसिंह पुर में जहां राहत मिली है वहीं, पुराने गुड़गांव के निचले इलाकों में...
गुड़गांव, (ब्यूरो): मंगलवार दोपहर को हुई बारिश के बाद जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल गई वहीं, इस बारिश ने एक बार फिर गुड़गांव को जलमग्न कर दिया। बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित रहने वाले नरसिंह पुर में जहां राहत मिली है वहीं, पुराने गुड़गांव के निचले इलाकों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। मंगलवार को हुई बारिश से जहां शहर की कॉलोनियां, सेक्टर प्रभावित रहे, वहीं अंडरपास सहित सिविल अस्पताल में भी पानी भर गया। हालांकि बारिश के दौरान नगर निगम सहित जीएमडीए की टीमें सक्रिय रही और जगह-जगह पानी निकासी के इंतजाम करते हुए लोगों को राहत प्रदान की।
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मंगलवार को हुई बारिश के बाद डूंडाहेड़ा, बसई रोड, राजेंद्रा पार्क, कादीपुर, सिविल लाइन्स, शिवाजी नगर, सेक्टर-10, सेक्टर-4, अर्जुन नगर, ज्योति पार्क, मदन पुरी, लक्ष्मण विहार, शीतला माता रोड, पालम विहार, सेक्टर-23, आरडी सिटी के पास वजीराबाद सहित अन्य कॉलोनियों में जलभराव देखने को मिला। हालांकि सूचना मिलते ही नगर निगम सहित विभिन्न विभागों की टीमें सक्रिय हो गई और पानी निकासी के इंतजाम करने लगी। वहीं, सराय अलावर्दी में बनाए गए अंडरपास में भी जलभराव देखने को मिला। जिस वक्त बरसात हुई उस वक्त स्कूलों की छुट्टी हुई थी। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत छात्रों को हुई जिन्हें भीगते हुए अपने घर जाना पड़ा। बरसात के कारण जलमग्न हुए अंडरपास में भी कई वाहन खराब हो गए। वहीं, छात्रों व अन्य पैदल जाने वाले लोगों को इसी पानी में से होकर गुजरना पड़ा।

उधर, बारिश का असर इस बार भी सिविल अस्पताल में देखने को मिला। इस बार बरसात का पानी ओपीडी में ही भर गया। अब तक सिविल अस्पताल के बेसमेंट में ही पानी भरता था, लेकिन इस बार अस्पताल की ओपीडी व वेटिंग एरिया में ही पानी भर गया जिसके कारण डॉक्टरों और मरीजों को परेशानी हुई। इस पानी में ही बैठकर डॉक्टरों को मरीजों का इलाज करना पड़ा। देर शाम होने तक ज्यादातर एरिया से पानी की निकासी हो गई।

आपको बता दें कि जलभराव रोकने के लिए नगर निगम और जीएमडीए की तरफ से करोड़ों रुपए खर्च कर ड्रेन बनाने सहित पुराने ड्रेन की सफाई कराने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए गए थे। इसका काफी हद तक असर देखने को मिला। हर बार बरसात के दौरान जलभराव से होने वाली मुख्य सड़कों की समस्या का समाधान हो गया। वहीं, अब नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कॉलोनियों में जलभराव देखने को मिल रहा है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि नगर निगम की तरफ से कॉलोनियों में होने वाले जलभराव को रोकने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। जल्द ही इसका असर देखने को मिलेगा। अब देखना यह होगा कि नगर निगम के प्रयास कब तक सफल हो पाते हैं।