छुट्टी मिलने ही मेदांता अस्पताल से राजघाट पहुंचे सोमन वांगचुक

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 27 Jul, 2026 10:11 PM

sonam wangchuk reached rajghar after discharge from medanta

छात्रों की मांगों को लेकर 26 दिन तक अनशन करने वाले समाज सेवी एवं प्रसिद्ध इंजीनियर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद आज अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

गुड़गांव, (ब्यूरो): छात्रों की मांगों को लेकर 26 दिन तक अनशन करने वाले समाज सेवी एवं प्रसिद्ध इंजीनियर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद आज अस्पताल से छुट्टी मिल गई। दोपहर को अस्पताल से रवानगी लेने के बाद सोनम अपनी पत्नी गीतांजलि के साथ दिल्ली के राजघाट के लिए रवाना हो गए। सोनम वांगचुक ने यहां महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि मैं देश को बताना चाहता हूं कि बापू का दिखाया रास्ता आज भी उतना ही सही और प्रासंगिक है, जितना 100 साल पहले था।

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आपको बता दें कि छह दिन पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से देर रात को मेदांता अस्पताल लाया गया था। यहां उनसे मिलने के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी देर रात को पहुंच गए थे और उनसे अनशन समाप्त करने के लिए कहा था, लेकिन सोनम वांगचुक अपनी मांगों पर अडिग रहे। मेदांता अस्पताल में शिफ्ट होने के करीब 48 घंटे की वार्ता के बाद केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने वांगचुक द्वारा की गई मांगों को मान लिया और देर रात करीब साढ़े 12 बजे अस्पताल पहुंचकर दोनों ने विभिन्न नेताओं के समक्ष वांगचुक का अनशन समाप्त कराया था। इसके बाद उन्हें लिक्विड और फिर सेमी सॉलिड डाइट पर रखा गया था। डाइजेशन सिस्टम पूरी तरह से एक्टिव होने के बाद सोनम को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

 

सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में लाए जाने के बाद करीब 20 सांसद व 65 सांसदों के समर्थन पत्र भी उन्हें मिले थे। अस्पताल में रहने के दौरान गुड़गांव पुलिस ने पूरे अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया था। अनशन समाप्त होने के बाद कुछ लोगों ने वांगचुक के अनशन समाप्त करने के तरीके को लेकर सवालिया निशान लगाए थे जिस पर अस्पताल से ही वांगचुक ने एक वीडियो जारी कर सवालिया निशान उठाने वालों को करारा जवाब दिया था। इसके साथ ही वांगचुक ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उनके साथ हुए घटनाक्रम को भी बताया था। उन्होंने गुड़गांव पुलिस पर भी सवाल उठाए कि उन्हें मेदांता अस्पताल में पुलिस द्वारा कैदियों की तरह रखा जा रहा है। उनके परिवार के सदस्यों को ही मिलने की अनुमति दी जा रही है। लद्दाख सहित दिल्ली व अन्य राज्यों से मिलने आने वाले परिचितों को अस्पताल में प्रवेश तक नहीं करने दिया जा रहा। ऐसे में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो जारी कर गुड़गांव पुलिस के प्रति भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी। 

 

आज अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह अपनी पत्नी गीतांजलि के साथ गुडगांव से राजघाट के लिए रवाना हुए। इस दौरान गुड़गांव पुलिस का काफिला उन्हें गुड़गांव बॉर्डर पार कराकर दिल्ली पुलिस की पायलट को सौंप आया जिसके बाद दिल्ली का सफर दिल्ली पुलिस की अगुवाई में हुआ।


 

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