Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 22 Jul, 2026 06:00 PM

मंगलवार देर शाम को मेदांता अस्पताल लाए गए सोनम वांगचुक ने बुधवार शाम को केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्टी में उन्होंने मंगलवार रात को हुई मुलाकात का जिक्र करने के साथ ही अपनी तीन शर्तें बताई हैं जिस पर वह अनशन...
गुड़गांव, (ब्यूरो): मंगलवार देर शाम को मेदांता अस्पताल लाए गए सोनम वांगचुक ने बुधवार शाम को केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्टी में उन्होंने मंगलवार रात को हुई मुलाकात का जिक्र करने के साथ ही अपनी तीन शर्तें बताई हैं जिस पर वह अनशन खत्म करने को तैयार हैं।
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सोनम वांगचुक ने चिट्टी में सरकार की पहल करने पर आभार जताया है। इसके साथ ही इसमें लिखी पहली शर्त में कहा गया है कि नीट परीक्षा पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही जवाबदेही तय करने के लिए संसद में चर्चा किए जाने का भी जिक्र किया गया है। इसके साथ ही चिट्ठी में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी विचार किए जाने की बात कही गई है।

वांगचुक ने यह भी कहा कि 20 जुलाई को हुआ चलो संसद मार्च पुलिस की कार्रवाई के बावजूद भी शांतिपूर्ण रहा। प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी केस या उत्पीड़न जैसी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, इस आश्वासन के बाद ही वह अनशन खत्म करने को तैयार हैं। उन्होंने चिट्ठी में जिक्र किया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखा है और देश सेवा के लिए अनशन समाप्त करने का आग्रह भी किया है। वहीं, आम आदमी पार्टी के 60 सांसदों द्वारा किए गए आग्रह का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह उनके साथ कई सांसद एक लेटर लेकर आ रहे हैं जिसमें 60 सांसदों ने साइन करके अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वस्त किया है कि इस लड़ाई को वह साथ मिलकर लड़ेंगे।
वहीं, बुधवार शाम को मेदांता अस्पताल की तरफ से जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन में कहा गया है कि डॉक्टरों की टीमें सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। फिलहाल उनका स्वास्थ्य स्थिर है। उनका बीपी, पल्स रेट आदि सामान्य रूप से चल रहा है। वह पूरी तरह से होश में हैं और उनकी सहमति से ही उन्हें इलाज दिया जा रहा है।