Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 15 Jul, 2026 08:35 PM

न्यू गुरुग्राम में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) को 'राइट ऑफ़ वे'...
गुड़गांव, (ब्यूरो): न्यू गुरुग्राम में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) को 'राइट ऑफ़ वे' (आरओडब्ल्यू) देने के लिए सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी है। यह मंज़ूरी सेक्टर 99 में एचवीपीएनएल के बनाए जा रहे 220 केवी सबस्टेशन को संचालित करने के लिए आवश्यक ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के लिए दी गई है। यह फ़ैसला जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में आज हुई बैठक में लिया गया, जिसमें एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, जीएमडीए और एचवीपीएनएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक के दौरान एचवीपीएनएल ने द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ उपलब्ध जीएमडीए के 'राइट ऑफ़ वे' (आरओडब्ल्यू) का उपयोग करने की अनुमति मांगी थी ताकि नए 220 केवी सबस्टेशन को दौलताबाद फीडर से लाइन-इन लाइन-आउट (एलआईएलओ) प्रणाली के माध्यम से जोड़ा जा सके तथा आगे इसे मानेसर तक कनेक्ट किया जा सके। इस अवसर पर पी.सी. मीणा ने कहा कि ट्रांसमिशन लाइन के प्रस्तावित अलाइनमेंट से संबंधित मुद्दों का सैद्धांतिक रूप से समाधान कर लिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाए, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि जीएमडीए की मौजूदा जलापूर्ति, सीवरेज और ड्रेनेज जैसी यूटिलिटी अवसंरचना किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो। इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने एचवीपीएनएल, गुरुग्राम के अधीक्षण अभियंता के.के. सरकार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन किया। इस समिति में एचवीपीएनएल के ट्रांसमिशन सिस्टम के कार्यकारी अभियंता वनिता बंसल, जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता (जलापूर्ति) अभिनव वर्मा, जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता (सीवरेज) विभोर और जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता (ड्रेनेज) विक्रम कुमार शामिल हैं।
समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रस्तावित ट्रांसमिशन लाइन के अलाइनमेंट का संयुक्त निरीक्षण कर अगले 10 दिनों में राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) को अंतिम रूप दे और यह सुनिश्चित करे कि कार्य के दौरान किसी भी मौजूदा यूटिलिटी सेवा में बाधा न आए। बैठक में एचवीपीएनएल ने अवगत कराया कि प्रस्तावित ट्रांसमिशन लाइन के लिए ग्राउंड एवं ट्रेंचिंग सर्वे पहले ही पूरा किया जा चुका है। यह लाइन द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ जीएमडीए के आरओडब्ल्यू में एलआईएलओ कॉन्फ़िगरेशन के तहत बिछाई जाएगी, जिसके लिए पूरे मार्ग पर लगभग 19 मोनोपोल स्थापित किए जाएंगे। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने आश्वासन दिया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए जीएमडीए, एचवीपीएनएल को आवश्यक राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) उपलब्ध कराने में पूर्ण सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि सेक्टर-99 स्थित 220 केवी सबस्टेशन के संचालित होने के बाद न्यू गुरुग्राम के तेजी से विकसित हो रहे सेक्टरों में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।