Edited By Isha, Updated: 15 Jul, 2026 08:07 AM

हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सरकारी स्कूलों में खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद प्रदेश के 393 सरकारी स्कूलों द्वारा
चंडीगढ़: हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सरकारी स्कूलों में खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद प्रदेश के 393 सरकारी स्कूलों द्वारा खेल सुविधाओं का पूरा डेटा (Sports Infrastructure Data) आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विभाग ने इन सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों और मुख्य अध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अंतिम चेतावनी दी है।
क्या है पूरा मामला?
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में खेल के मैदान, खेल सामग्री और उपलब्ध सुविधाओं का एक सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसका उद्देश्य स्कूलों में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देना और जहाँ सुविधाओं की कमी है, वहाँ नया बजट जारी करना था।
हालांकि, कई बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी 393 स्कूलों ने इस डेटा को पोर्टल पर दर्ज नहीं किया। विभाग ने इसे उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और कार्य में लापरवाही माना है।शिक्षा निदेशालय ने अब ढीला रवैया अपनाने वाले इन स्कूलों को 7 दिन की अंतिम मोहलत दी है। यदि अगले 7 दिनों के भीतर इन सभी स्कूलों ने अपनी खेल सुविधाओं का सटीक और पूरा डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड नहीं किया, तो संबंधित स्कूल के मुखिया (प्रिंसिपल/हेडमास्टर) के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों का वेतन (Salary) रोकने के भी निर्देश दिए जा सकते हैं।
इन बातों की देनी होगी पूरी जानकारी
- स्कूल में खेल का मैदान है या नहीं, और उसका कुल क्षेत्रफल (Area) कितना है।
- स्कूल में किन-किन आउटडोर और इनडोर खेलों (जैसे- कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, बैडमिंटन) की सुविधा उपलब्ध है।
- वर्तमान में कितना स्पोर्ट्स सामान चालू हालत में उपलब्ध है।
- स्कूल में खेल शिक्षकों (Physical Education Teachers) के स्वीकृत और खाली पड़े पदों की संख्या।