Edited By Isha, Updated: 07 Aug, 2026 01:36 PM
हरियाणा में कैंसर का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य में कैंसर के नए मामलों और इससे होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 के लिए
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा में कैंसर का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य में कैंसर के नए मामलों और इससे होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 के लिए अनुमान है कि हरियाणा में 33,395 नए कैंसर मरीज सामने आएंगे, जबकि 18,387 लोगों की कैंसर से मृत्यु होगी। यह आंकड़े राज्य में कैंसर के बढ़ते बोझ और स्वास्थ्य सेवाओं के सामने खड़ी चुनौती को उजागर करते हैं।
राज्यसभा में पेश आंकड़ों से सामने आई तस्वीर
4 जुलाई को राज्यसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, ये अनुमान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान (ICMR-NIE) के प्रक्षेपण पर आधारित हैं। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच हरियाणा में कैंसर के नए मामलों और मौतों में लगातार वृद्धि हुई है।
पांच वर्षों में 3,380 नए मामले बढ़े
वर्ष 2021 में हरियाणा में अनुमानित 30,015 नए कैंसर मरीज थे, जो 2025 में बढ़कर 33,395 हो गए। यानी पांच वर्षों में 3,380 नए मामले बढ़े, जो लगभग 11.3 प्रतिशत की वृद्धि है। यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत 10.05 प्रतिशत से भी अधिक है।
इसी अवधि में कैंसर से होने वाली मौतों की संख्या 16,543 से बढ़कर 18,387 हो गई। यानी 1,844 अतिरिक्त मौतें, जो लगभग 11.1 प्रतिशत की वृद्धि है। यह भी राष्ट्रीय औसत 10.06 प्रतिशत से अधिक है।
हर साल बढ़े मामले और मौतें
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 से 2025 तक किसी भी वर्ष कैंसर के मामलों या मौतों में कमी दर्ज नहीं की गई। हर वर्ष नए मरीजों और मृत्यु के आंकड़ों में लगातार वृद्धि हुई, जो यह संकेत देती है कि बीमारी का प्रभाव लगातार गहरा रहा है।
देशभर में 17वें स्थान पर हरियाणा
अनुमानित आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में नए कैंसर मामलों और कैंसर से होने वाली मौतों के मामले में हरियाणा का स्थान देश के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 17वां है।
पंजाब में हरियाणा से अधिक कैंसर का बोझ
पड़ोसी राज्य पंजाब में कैंसर का बोझ हरियाणा से अधिक है। वर्ष 2025 में पंजाब में 43,196 नए कैंसर मामलों का अनुमान है, जबकि वर्ष 2021 में यह संख्या 39,521 थी। वहीं कैंसर से होने वाली मौतों का अनुमान 24,886 है, जो वर्ष 2021 के 22,786 से अधिक है।
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक कैंसर मरीज
देश में कैंसर का सबसे बड़ा बोझ उत्तर प्रदेश पर है, जहां वर्ष 2025 में 2,26,125 नए कैंसर मामलों और 1,25,184 मौतों का अनुमान लगाया गया है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट भी बढ़ती चुनौती की ओर इशारा करती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन कैंसर 2026, जो GLOBOCAN 2022 के अनुमानों पर आधारित है, के अनुसार भारत में हर वर्ष लगभग 14.1 लाख नए कैंसर मामले और 9.2 लाख कैंसर से मौतें होने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक, 75 वर्ष की आयु से पहले लगभग 10.6 प्रतिशत भारतीयों को जीवनकाल में कैंसर होने का जोखिम है। यानी लगभग हर दस में से एक व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में आ सकता है।
केंद्र और राज्य स्तर पर किए जा रहे प्रयास
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य का विषय है और कैंसर की रोकथाम एवं उपचार को राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) के तहत मजबूत किया जा रहा है।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंसर की स्क्रीनिंग सेवाओं का विस्तार, डे-केयर कैंसर सेंटरों की स्थापना तथा तृतीयक स्तर की कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। अधिकारी के अनुसार कैंसर मरीजों का वास्तविक आंकड़ा लगातार अपडेट होता रहता है, इसलिए सटीक संख्या समय-समय पर बदलती रहती है।
बढ़ती चुनौती के बीच जागरूकता और समय पर जांच जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए समय पर जांच, शुरुआती पहचान, स्वस्थ जीवनशैली और बेहतर उपचार सुविधाओं का विस्तार बेहद आवश्यक है। यदि बीमारी का शुरुआती चरण में पता चल जाए तो कई प्रकार के कैंसर का सफल उपचार संभव है। हरियाणा में लगातार बढ़ते आंकड़े इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता और स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता की ओर स्पष्ट संकेत देते हैं।