62 देशों में जलाई सेवा की अलख: जानें कौन हैं पैट्रीशिया हेवेमैन, जो यूरोप में फैला रही हैं महात्मा गांधी और दलाई लामा का संदेश

Edited By Isha, Updated: 07 Aug, 2026 04:40 PM

igniting the flame of service across 62 countries meet patricia haveman

दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में प्रकाश भरने के लिए जन्म लेते हैं। पैट्रीशिया हेवेमैन उन्हीं विरले व्यक्तित्वों में से एक हैं। वे उन लोगों की प्रतिनिधि हैं जिनके लिए मानवता

चंडीगढ़(चंद्र शेखर धरणी):  दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में प्रकाश भरने के लिए जन्म लेते हैं। पैट्रीशिया हेवेमैन उन्हीं विरले व्यक्तित्वों में से एक हैं। वे उन लोगों की प्रतिनिधि हैं जिनके लिए मानवता की कोई सीमा, कोई भाषा और कोई राष्ट्र नहीं होता। उनका सम्पूर्ण जीवन करुणा, सेवा, मैत्री और मानवीय गरिमा को समर्पित है।

मुण्डो यौनिडो फाउंडेशन की संस्थापक के रूप में पैट्रीशिया ने 62 देशों की यात्राएँ कीं। इन यात्राओं ने उन्हें यह सिखाया कि संसार की सबसे बड़ी आवश्यकता प्रेम, करुणा और परस्पर सहयोग है। यही अनुभूति उनके जीवन का संकल्प बन गई। उन्होंने यूरोप, दक्षिण अफ्रीका, भारत, तिब्बत, पाकिस्तान तथा अनेक देशों में वंचित बच्चों, महिलाओं और असहाय समुदायों के बीच कार्य करते हुए हजारों लोगों के जीवन में आशा का दीप जलाया। लगभग 40 देशों में उनके प्रयासों ने युवाओं और सामाजिक संगठनों को मानवता की सेवा के लिए प्रेरित किया है।

नीदरलैंड में महात्मा गांधी और  को समर्पित एक कार्यक्रम में उनसे हमारी पहली भेंट हुई। वे मंच पर नहीं, बल्कि सेवा के प्रत्येक कार्य में दिखाई दीं। उनकी सहजता, सादगी और मौन ने हमें अत्यंत प्रभावित किया। बाद में ज्ञात हुआ कि मंच पर श्रद्धांजलि के लिए रखा गया नेल्सन मंडेला का चित्र भी उनके प्रयासों से दक्षिण अफ्रीका के एक कलाकार द्वारा भेंट किया गया था। तभी हमें उनके व्यक्तित्व की गहराई और उनके वैश्विक कार्यों का वास्तविक परिचय मिला।

पैट्रीशिया महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और सेवा के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने वाली एक सच्ची साधिका हैं। वे परम पूज्य दलाई लामा के करुणा और विश्व-बंधुत्व के संदेश से भी गहराई से प्रेरित हैं। उनकी सहयोगी गेरब्रिग डेनियम के साथ मिलकर वे मानवता, शांति और मैत्री का एक सुंदर सेतु निर्मित कर रही हैं।

मेरी पत्नी श्रीमती कृष्णा कांता राय और मुझे उनसे मिलकर ऐसा अनुभव हुआ मानो वर्षों पुराना आत्मीय संबंध पुनः जीवित हो उठा हो। हमने उनसे गांधी ग्लोबल फैमिली के साथ जुड़कर नीदरलैंड ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप में गांधीजी के सत्य, अहिंसा और विश्व-मैत्री के संदेश को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। हमें विश्वास है कि श्री राम लखीना जी के मार्गदर्शन तथा पैट्रीशिया हेवेमैन और गेरब्रिग डेनियम जैसे समर्पित साथियों के सहयोग से यूरोप में गांधी विचारों का एक नया अध्याय प्रारम्भ होगा।

पैट्रीशिया हेवेमैन भारत की सच्ची मित्र, महात्मा गांधी की अनन्य प्रशंसक और मानवता की अथक सेविका हैं। उनका जीवन हमें यह विश्वास दिलाता है कि प्रेम, सेवा और करुणा ही वह शक्ति है जो संसार को जोड़ सकती है। ऐसे व्यक्तित्व वास्तव में किसी एक देश की नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व की धरोहर होते हैं

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