Haryana में फिर अटका तहसीलों का काम, चक्कर काटने को मजबूर लोग... जानें क्या है कारण

Edited By Isha, Updated: 22 Aug, 2026 01:43 PM

work at tehsils in haryana has stalled again

राजस्व विभाग की डिजिटल व्यवस्था को लेकर पटवारी और कानूनगो दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों का कहना है कि नए सॉफ्टवेयर लागू कर दिए गए हैं, लेकिन इनके इस्तेमाल के लिए जरूरी संसाधन अब

कैथल(जयपाल): राजस्व विभाग की डिजिटल व्यवस्था को लेकर पटवारी और कानूनगो दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों का कहना है कि नए सॉफ्टवेयर लागू कर दिए गए हैं, लेकिन इनके इस्तेमाल के लिए जरूरी संसाधन अब भी पर्याप्त नहीं हैं। पुराने टैबलेट खराब हो चुके हैं और नए उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। वहीं, नए पोर्टल में तकनीकी खामियों के कारण काम करने में भी दिक्कत आ रही है। पटवारियों के मुताबिक सरकार की ओर से सॉफ्टवेयर को ठीक बताया जा रहा है, लेकिन मैदानी स्तर पर कर्मचारियों को इसकी तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से वे गलतियों वाले इंतकाल को सामने रखकर अपनी समस्याएं साबित करने की तैयारी में हैं।

एक इंतकाल में 179 पेज, खर्च 4,475 रुपए
कैथल में नए सॉफ्टवेयर की तकनीकी व्यवस्था का असर लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। खरीदारी के सुखविंद्र के अनुसार, जमीन के इंतकाल के लिए पहले एक पेज में काम हो जाता था, जिस पर करीब 25 रुपए खर्च आते थे। अब नए सॉफ्टवेयर में इसी प्रक्रिया के लिए 179 पेज निकलवाने पड़ रहे हैं। इससे खर्च बढ़कर 4,475 रुपए हो गया।
कर्मचारियों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य काम को आसान बनाना है, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

एसोसिएशन बोली- हर जिले से 25-25 गलत इंतकाल भेजें
पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि सरकार सॉफ्टवेयर को दुरुस्त मान रही है तो हर जिले से 25-25 ऐसे इंतकाल मंगवाए जाएं, जिनमें तकनीकी गलतियां सामने आई हैं। इससे सॉफ्टवेयर की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। एसोसिएशन ने नए पोर्टल को सरल बनाने और तकनीकी खामियां दूर करने की मांग की है।

फसल सर्वे की रेंज 20 से बढ़ाकर 150 मीटर करने की मांग
पटवारियों ने डिजिटल क्रॉप सर्वे में भी बदलाव की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में 20 मीटर की रेंज के कारण खेतों में सर्वे करना मुश्किल होता है। इसे बढ़ाकर 150 मीटर किया जाना चाहिए। इसके अलावा बेहतर टैबलेट और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने, रेवेन्यू हरियाणा पोर्टल को सरल बनाने, बायर डिटेल की आटो-फिल सुविधा शुरू करने और खेवट व हिस्से में दामालव से जुड़ी तकनीकी समस्या दूर करने की मांग भी रखी गई है।

‘सरकार कह रही सॉफ्टवेयर ठीक, पहले जमीनी खामियां दूर हों’
राजस्व पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के प्रधान राजवीर गुलिया ने कहा कि सरकार सॉफ्टवेयर को ठीक करने की बात कह रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कर्मचारियों को अभी भी तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हर जिले से 25-25 गलत इंतकाल भेजे जाने चाहिए, ताकि कमियां सामने आ सकें। सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने के बाद ही नए सॉफ्टवेयर की जिम्मेदारी आईटी सेल को दी जानी चाहिए।

 

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