Edited By Isha, Updated: 23 Aug, 2026 09:17 AM

मांगों को लेकर पिछले 18 दिनों से हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के बीच शहर गंदगी से बेहाल हो चुका है। गलियों, मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर कचरे के ढेर लगे हैं। बदहाल सफाई व्यवस्था के बीच
बहादुरगढ़(प्रवीण कुमार धनखड़): मांगों को लेकर पिछले 18 दिनों से हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के बीच शहर गंदगी से बेहाल हो चुका है। गलियों, मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर कचरे के ढेर लगे हैं। बदहाल सफाई व्यवस्था के बीच शनिवार देर रात प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में कचरा उठाने का प्रयास किया, लेकिन इसकी भनक लगते ही सफाई कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और जमकर विरोध जताया।
कर्मचारियों ने ट्रैक्टर और जेसीबी के आगे खड़े होकर कचरा उठाने की कार्रवाई रोक दी। देखते ही देखते मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव के हालात पैदा हो गए। बाद में पुलिस कुछ कर्मचारियों को थाने लेकर पहुंची तो वहां भी माहौल गरमा गया।
थाने के अंदर ही सफाई कर्मचारियों ने सरकार और पुलिस विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। देर रात करीब 1 बजे से लेकर रविवार सुबह तक विवाद का सिलसिला जारी रहा। जहां भी कचरा उठाने का प्रयास हुआ, हड़ताली कर्मी वहां पहुंच गए।
ट्रैक्टरों को पीछे कर दिया और उठाया गया कचरा वापस डलवा दिया। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और सरकार मांग नहीं मान रही। इसी वजह से हड़ताल जारी है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन रात के अंधेरे में जबरन कचरा उठाने का प्रयास कर रहा है और उनके साथ दबाव की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और किसी भी तरह की जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।