करनाल से 10 अगस्त को प्रोग्रेसिव हरियाणा की नई नींव रखेंगे CM सैनी, नई औद्योगिक पहल का होगा शुभारंभ

Edited By Harman, Updated: 07 Aug, 2026 08:47 AM

cm saini will lay the new foundation of progressive haryana on august 10 from ka

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 10 अगस्त को करनाल स्थित नूर महल में राज्य की प्रगतिशील हरियाणा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026 का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 10 अगस्त को करनाल स्थित नूर महल में राज्य की प्रगतिशील हरियाणा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026 का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी नीति का उद्देश्य राज्य के छोटे और मध्यम उद्योगों को नई ऊर्जा प्रदान करना, निर्यात को बढ़ावा देना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा हरियाणा को देश के अग्रणी औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

उद्योगों और निर्यात को मिलेगी नई गति

नई नीति के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को निवेश प्रोत्साहन, आधुनिक तकनीक अपनाने, गुणवत्ता सुधार, डिजिटल तकनीकों के उपयोग, कौशल विकास, विपणन सहायता, वैश्विक बाजारों तक पहुंच तथा निर्यात बढ़ाने के लिए व्यापक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। नीति का विशेष फोकस नए उद्यमियों, महिला उद्यमियों, युवाओं तथा पहली बार निर्यात करने वाले उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर रहेगा, जिससे राज्य का औद्योगिक आधार और अधिक मजबूत हो सके।

पहले से मजबूत है हरियाणा का औद्योगिक आधार

हरियाणा आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक राज्यों में शामिल है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, उत्कृष्ट सड़क एवं परिवहन नेटवर्क, विकसित औद्योगिक क्षेत्रों, विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं, कुशल मानव संसाधन तथा उद्योग-अनुकूल प्रशासनिक व्यवस्था ने राज्य को निवेशकों की पहली पसंद बनाया है। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा अन्य विनिर्माण क्षेत्रों में राज्य की मजबूत उपस्थिति छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भी व्यापक अवसर उपलब्ध करा रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुकी है पहचान

उद्यमिता को बढ़ावा देने और छोटे उद्योगों के विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए हरियाणा को वर्ष 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, प्रभावी प्रशासन और उद्यमियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के प्रयासों का प्रमाण मानी जाती है।

डॉ. अमित कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में मिली नई गति

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में पिछले एक वर्ष के दौरान हरियाणा की औद्योगिक नीति व्यवस्था में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। उनके कार्यकाल में राज्य में कुल 11 औद्योगिक नीतियों को अंतिम रूप देकर लागू किया गया है। इनमें ‘मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति’ तथा विभिन्न क्षेत्रों के लिए तैयार की गई 9 क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक नीतियां शामिल हैं, जिनका शुभारंभ 1 जून 2026 को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन नीति के लागू होने से राज्य की औद्योगिक नीति व्यवस्था और अधिक व्यापक एवं सशक्त हो जाएगी।

व्यापक संवाद के बाद तैयार हुईं उद्योगोन्मुख नीतियां

बताया जाता है कि इनमें से कई क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों पर वर्ष 2023 से कार्य चल रहा था, लेकिन वे अंतिम रूप नहीं ले सकी थीं। डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने व्यक्तिगत रूप से उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों, औद्योगिक संघों तथा अन्य हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। उन्होंने राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा कर उद्योगों से सीधे संवाद स्थापित किया और उनके सुझावों के आधार पर नीतियों को अंतिम स्वरूप दिया। यही कारण है कि हाल के वर्षों में लागू की गई नीतियां उद्योग जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक व्यावहारिक और निवेशोन्मुख मानी जा रही हैं।

निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है हरियाणा

राज्य में वर्तमान समय में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (वैश्विक क्षमता केंद्र), डेटा सेंटर, टेक्सटाइल एवं परिधान उद्योग, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स एवं मेडिकल डिवाइसेज़, खाद्य प्रसंस्करण, एयरोस्पेस एवं रक्षा विनिर्माण तथा नई प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों की ओर से हरियाणा में निवेश को लेकर उल्लेखनीय उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना, कुशल मानव संसाधन और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था के कारण हरियाणा देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है।

हैपनिंग हरियाणा 2.0’ के माध्यम से वैश्विक निवेश पर रहेगा फोकस

राज्य सरकार अगले वर्ष ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ निवेश शिखर सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इस महत्वाकांक्षी सम्मेलन का उद्देश्य देश-विदेश की अग्रणी कंपनियों, निवेशकों, उद्योगपतियों और वैश्विक संस्थाओं को एक मंच पर लाकर हरियाणा में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने 1 जून 2026 को गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ के आधिकारिक लोगो का भी अनावरण किया था। राज्य सरकार का लक्ष्य इस सम्मेलन के माध्यम से हरियाणा को निवेश, विनिर्माण और रोजगार सृजन का अग्रणी केंद्र बनाना है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आधुनिक सिंगल विंडो प्रणाली होगी विकसित

निवेशकों को विश्वस्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में हरियाणा सरकार एक अत्याधुनिक और पूर्णतः पुनर्विकसित सिंगल विंडो सिस्टम विकसित कर रही है। यह प्रणाली अपनी तरह की देश की अग्रणी निवेश सुविधा प्रणाली होगी, जिसमें निवेशकों को आवश्यक सभी सेवाएं, अनुमोदन, आवेदन, ट्रैकिंग, प्रोत्साहन, भूमि संबंधी जानकारी और विभागीय अनुमतियां ‘वन क्लिक’ पर उपलब्ध होंगी। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी समावेश किया जा रहा है, जिससे निवेशकों को त्वरित मार्गदर्शन, दस्तावेज़ सहायता, ऑनलाइन समाधान और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इससे निवेश प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, सरल और तेज़ बनने की उम्मीद है।

करनाल से मिलेगा औद्योगिक विकास को नया संदेश

10 अगस्त को करनाल से होने वाला यह शुभारंभ केवल एक नई नीति का लोकार्पण नहीं होगा, बल्कि हरियाणा के औद्योगिक विकास के अगले चरण की शुरुआत भी माना जा रहा है। राज्य सरकार को विश्वास है कि यह नीति छोटे और मध्यम उद्योगों को नई दिशा देगी, निर्यात को गति प्रदान करेगी, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करेगी तथा हरियाणा को विकसित भारत की औद्योगिक प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाने वाला राज्य बनाएगी।

 
 

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