Edited By Isha, Updated: 01 Aug, 2026 09:37 AM

निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हरियाणा के 83.61 प्रतिशत मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं। 24.13 लाख वोटर ऐसे पाए गए जो अपने पंजीकृत पते
चंडीगढ़: निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हरियाणा के 83.61 प्रतिशत मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं। 24.13 लाख वोटर ऐसे पाए गए जो अपने पंजीकृत पते पर उपलब्ध नहीं मिले। 7.66 लाख मतदाता मृत पाए गए, जबकि 2.04 लाख मतदाता ऐसे मिले, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज हैं। राज्यभर में बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया है। हरियाणा में मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) अभियान में का पहला चरण पूरा हो गया है।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल नए मतदाता जोड़ना नहीं, बल्कि मतदाता के सूची से मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट नामों को हटाकर सूची को पूरी तरह शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। इसी आधार पर आगामी चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
राज्यभर में बूथ लेवल अधिकारियों (बी.एल.ओ.) ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया। अभियान के दौरान लगभग 1.72 करोड़ मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त किए गए, जो कुल मतदाताओं का 83.61 प्रतिशत है। विभाग का दावा है कि यह अब तक के सबसे व्यापक मतदाता सत्यापन अभियानों में से एक रहा।
11.68 प्रतिशत मतदाता पंजीकृत पते पर नहीं मिले
सत्यापन के दौरान 24.13 लाख (11.68%) मतदाता ऐसे पाए गए जो अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो दूसरे शहर या राज्य में स्थानांतरित हो चुके हैं, लंबे समय से अनुपस्थित हैं या निर्धारित अवधि तक गणना प्रपत्र जमा नहीं करा सके। अभियान में 7.66 लाख (3.71%) मतदाताओं के मृत होने की पुष्टि हुई। वहीं 2.04 लाख (0.99%) मतदाताओं के नाम दो या उससे अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज पाए गए। ऐसे मामलों में दस्तावेजों के सत्यापन के बाद केवल एक स्थान पर ही मतदाता का नाम बरकरार रखा जाएगा।
31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां होंगी दर्ज
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम छूट गया है या जिनसे गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक चलने वाली दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान पात्र नागरिक आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकेंगे। इस दौरान नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन कराने या किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।