Edited By Isha, Updated: 18 Sep, 2026 03:44 PM

हरियाणा में पेट्रोल-पंप संचालकों ने यूपीआई और अन्य डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन पर लगने वाले अतिरिक्त चार्जेज को लेकर सरकार और बैंकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंप संचालकों का कहना है कि यदि
डेस्क: हरियाणा में पेट्रोल-पंप संचालकों ने यूपीआई और अन्य डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन पर लगने वाले अतिरिक्त चार्जेज को लेकर सरकार और बैंकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंप संचालकों का कहना है कि यदि यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये का चार्ज (MDR - मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू किया जाता है, तो उनका पूरा कारोबार प्रभावित होगा और वे पेट्रोल पंपों पर कैशलेस पेमेंट की सुविधा बंद करने पर मजबूर हो जाएंगे।
पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि वर्तमान में प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर उन्हें केवल 2 से 3 रुपये की ही बचत (कमीशन) होती है। ऐसे में यदि हर डिजिटल ट्रांजैक्शन पर बैंक या सरकार द्वारा 5 रुपये का चार्ज थोप दिया जाता है, तो उनका सारा मुनाफा खत्म हो जाएगा, बल्कि उन्हें अपनी जेब से नुकसान उठाना पड़ेगा। संचालकों का साफ कहना है कि जब तक यह नियम वापस नहीं लिया जाता या इस पर कोई राहत नहीं मिलती, तब तक वे इस आर्थिक बोझ को उठाने में असमर्थ हैं।
एक तरफ जहां देश भर में डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं पेट्रोल पंपों पर इस तरह के शुल्कों के विरोध से आम जनता को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि पंप संचालक कैशलेस पेमेंट बंद करते हैं, तो उपभोक्ताओं को एक बार फिर से खुले पैसे (चेंज) और नकदी की समस्या से जूझना पड़ेगा। फिलहाल, पंप एसोसिएशन और संचालकों की इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है, और इस पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सबकी नज़रें टिकी हुई हैं।