Edited By Isha, Updated: 02 Oct, 2026 03:46 PM

पानीपत जिले के बाल जाटान और खंडरा गांवों के सरपंचों को करनाल मंडलायुक्त की ओर से बड़ी राहत मिली है। मंडलायुक्त ने दोनों गांवों के सरपंचों के निलंबन आदेशों पर रोक लगा दी है, जिससे अब दोनों सरपंच पहले की तरह अपने पद पर बने रहकर कार्य कर सकेंगे। कुछ...
पानीपत: पानीपत जिले के बाल जाटान और खंडरा गांवों के सरपंचों को करनाल मंडलायुक्त की ओर से बड़ी राहत मिली है। मंडलायुक्त ने दोनों गांवों के सरपंचों के निलंबन आदेशों पर रोक लगा दी है, जिससे अब दोनों सरपंच पहले की तरह अपने पद पर बने रहकर कार्य कर सकेंगे। कुछ दिन पहले पानीपत के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मतलौडा खंड के गांव बाल जाटान के सरपंच सुरेंद्र राठी और खंडरा गांव की महिला सरपंच सोनिया देवी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
निजी बैंकों में एफ.डी. का आरोप: जिला प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई ग्राम पंचायतों की फिक्स्ड डिपॉजिट सरकारी बैंकों की बजाय नियमविरुद्ध निजी बैंकों में करवाने के गंभीर आरोपों के तहत की गई थी। जिला प्रशासन के अनुसार, नियमों को दरकिनार कर ग्राम पंचायतों के सरकारी कोष का दुरुपयोग करते हुए 225 करोड़ रुपये निजी बैंकों में जमा कराए गए थे।
प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ दोनों सरपंचों की तरफ से मामला करनाल मंडलायुक्त के समक्ष अपील में ले जाया गया। मामले की सुनवाई करते हुए करनाल मंडलायुक्त हेमा शर्मा ने दोनों सरपंचों के निलंबन आदेशों पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद अब दोनों सरपंचों की बहाली हो गई है और वे पूर्ववत अपने प्रशासनिक व पंचायत कार्य जारी रख सकेंगे।