Edited By Isha, Updated: 02 Oct, 2026 08:08 PM

कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद की ओलंपियन और भारतीय महिला हॉकी टीम की उपकप्तान नवनीत कौर ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया है। पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल दागकर नवनीत ने भारतीय टीम की स्वर्णिम सफलता में अहम योगदान दिया।...
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद की ओलंपियन और भारतीय महिला हॉकी टीम की उपकप्तान नवनीत कौर ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया है। पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल दागकर नवनीत ने भारतीय टीम की स्वर्णिम सफलता में अहम योगदान दिया। फाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक-2028 के लिए भी सीधा प्रवेश हासिल किया।
नवनीत कौर ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी आक्रामक खेल शैली से विपक्षी टीमों को चुनौती दी। उन्होंने कुल 10 गोल किए, जिनमें सात फील्ड गोल, दो पेनल्टी कॉर्नर और एक पेनल्टी स्ट्रोक से किया गया गोल शामिल रहा। फाइनल मुकाबले में भी वह लगातार सक्रिय रहीं और उपकप्तान के रूप में मैदान पर साथी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाती नजर आईं।
आखिरी मिनट तक अटकी रहीं सांसें
नवनीत के पिता बूटा सिंह ने बेटी और भारतीय टीम की जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि फाइनल मुकाबले के अंतिम क्षणों तक उनकी सांसें अटकी हुई थीं। चीन की टीम लगातार बराबरी करने का प्रयास कर रही थी। मैच में करीब एक मिनट शेष रहने पर जब गेंद नवनीत के पास पहुंची तो उन्हें उम्मीद जगी कि अब भारतीय टीम मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखेगी। नवनीत ने गेंद को अपने नियंत्रण में रखा और चीन की टीम को आगे बढ़ने का ज्यादा मौका नहीं दिया। उस समय उन्हें भरोसा हो गया कि भारत स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेगा।
उपकप्तान के तौर पर निभाई अहम जिम्मेदारी
बूटा सिंह ने बताया कि नवनीत पर टीम में बड़ी जिम्मेदारी थी। कप्तान और टीम प्रबंधन ने उस पर भरोसा जताया था। मैदान पर वह साथी खिलाड़ियों को लगातार निर्देश दे रही थी और जरूरत के अनुसार आक्रमण के साथ रक्षापंक्ति की मदद भी कर रही थी। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने एकजुट होकर खेला और सभी खिलाड़ियों ने अपना शत-प्रतिशत योगदान दिया।
जीत के बाद बेटी ने कहा- पापा, बाद में बात करती हूं
बूटा सिंह ने बताया कि मुकाबले के बाद उनकी नवनीत से फोन पर बात हुई। जीत के बाद वह बेहद उत्साहित थी। वहां जश्न का माहौल था और गाने बज रहे थे, जिस कारण फोन पर उसकी आवाज भी ठीक से सुनाई नहीं दे रही थी। नवनीत ने उनसे कहा कि पापा, बाद में बात करती हूं। बेटी की खुशी देखकर परिवार की खुशी भी दोगुनी हो गई।
पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है जीत
बूटा सिंह ने बताया कि जीत के बाद कोच ने भी उन्हें बधाई दी और भारतीय टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल नवनीत या उसके परिवार की नहीं, बल्कि पूरी भारतीय महिला हॉकी टीम की मेहनत का परिणाम है। सभी खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। मजबूत मानी जाने वाली चीन की टीम को हराकर भारतीय बेटियों ने देश का गौरव बढ़ाया है।
शाहाबाद में नवनीत के घर और आसपास के क्षेत्र में भारतीय टीम की जीत को लेकर खुशी का माहौल है। बेटी के शानदार प्रदर्शन और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने में योगदान देने पर परिवार को गर्व है।