हरियाणा में भ्रष्टाचार पर एसीबी का बड़ा अभियान, 140 'हाई-रिस्क' अफसर-कर्मचारी रडार पर... जानिए क्यों

Edited By Isha, Updated: 22 Jul, 2026 07:43 PM

140  high risk  officers and employees on the radar

हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। ब्यूरो ने ऐसे 140 अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान की है, जिनके खिलाफ

चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। ब्यूरो ने ऐसे 140 अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान की है, जिनके खिलाफ लगातार रिश्वत लेने और बिना घूस सरकारी काम नहीं करने की शिकायतें मिल रही हैं। अब इन सभी मामलों पर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

बुधवार को पंचकूला स्थित एसीबी मुख्यालय में प्रदेश की सभी रेंज के पुलिस अधीक्षकों और अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए ब्यूरो प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला ने कहा कि यह सूची किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि आम जनता को भ्रष्टाचार से राहत दिलाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी रेंज के पास ऐसे अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की विश्वसनीय जानकारी है, जो रिश्वतखोरी में लिप्त हैं, तो उनकी जानकारी एक सप्ताह के भीतर मुख्यालय भेजी जाए, ताकि सूची को और प्रभावी बनाया जा सके।

चावला ने कहा कि ब्यूरो का लक्ष्य केवल रिश्वत लेते हुए आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ना नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करना भी है। इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में शिकायतकर्ता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसलिए उसकी सुरक्षा, गोपनीयता और सम्मान सुनिश्चित करना एसीबी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतकर्ताओं से लगातार संपर्क बनाए रखें और ट्रैप कार्रवाई से लेकर अदालत में दोषियों को सजा दिलाने तक हर स्तर पर उनका सहयोग करें।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी ट्रैप ऑपरेशन की सफलता केवल आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि अदालत में मजबूत पैरवी कर उसे सजा दिलाना भी उतना ही जरूरी है। यदि शिकायतकर्ताओं का भरोसा मजबूत होगा तो अधिक लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने का साहस करेंगे। समीक्षा बैठक में बताया गया कि जनवरी 2022 से जून 2026 के बीच एसीबी ने 92 ट्रैप और रेड की कार्रवाई करते हुए कई भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

दो लाख या अधिक की रिश्वत पकड़ने पर मिलेगा 'क्लास-1 सर्टिफिकेट'
बैठक के दौरान ब्यूरो प्रमुख ने अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा भी की। इसके तहत दो लाख रुपये या उससे अधिक की रिश्वत लेते हुए आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार करने वाले अधिकारी को 'क्लास-1 सर्टिफिकेट' देकर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य में भी सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ उल्लेखनीय कार्य करने वाले कई अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वर्ण और रजत पदक देकर सम्मानित भी किया गया।

 
 

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