Edited By Isha, Updated: 24 Jul, 2026 08:59 PM

हरियाणा में अब पुरानी और अनुपयोगी गाड़ियां केवल कबाड़ नहीं रहेंगी बल्कि नए उद्योग, निवेश और रोजगार का आधार बनेंगी। राज्य सरकार ने हरियाणा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग एवं रीसाइक्लिंग सुविधा नाओं (आरवीएसएफ) प्रोत्साहन
चंडीगढ़: हरियाणा में अब पुरानी और अनुपयोगी गाड़ियां केवल कबाड़ नहीं रहेंगी बल्कि नए उद्योग, निवेश और रोजगार का आधार बनेंगी। राज्य सरकार ने हरियाणा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग एवं रीसाइक्लिंग सुविधा नाओं (आरवीएसएफ) प्रोत्साहन नीति लागू कर वाहन स्क्रैपिंग को उद्योग का दर्जा दे दिया है।
नीति के कारण एमएसएमई, स्टार्टअप और ऑटोमोबाइल रीसाइक्लिंग क्षेत्र में निवेश के नए अवसर खुलेंगे और स्क्रैप आधारित औद्योगिक श्रृंखला विकसित होगी। उद्योग विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। नई नीति के तहत स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग इकाइयों कोपूंजी निवेश पर प्रोत्साहन, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) की प्रतिपूर्ति, स्टांप शुल्क में छूट और अन्य औद्योगिक लाभ दिए जाएंगे।
सूक्ष्म व लघु उद्योगों को 40 लाख रुपये तक की पूंजीगत सब्सिडी मिलेगी जबकि महिला उद्यमियों, स्टार्टअप और अनुसूचित जाति वर्ग के उद्यमियों के लिए विशेष वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है। उद्योग व वाणिज्य विभाग रीसाइक्लिंग पार्क और ऑटो क्लस्टर विकसित करेगा। साथ ही कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण परियोजनाओं पर 50 प्रतिशत तक अनुदान (अधिकतम पांच करोड़ रुपये) और शिक्षण संस्थानों को प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
नियम शर्तों को पूरा करने वाले निवेशकों को अधिकतम वित्तीय सहायता राशि 20 करोड़ रुपये तय की गई है। दूसरा बड़ा उद्देश्य प्रदूषण कम करना है। पुराने बीएस-4 और उससे पुराने ट्रक व बसों को स्वीकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर नष्ट कराने वाले वाहन मालिकों को नया पर्यावरण-अनुकूल वाहन खरीदने पर 100 प्रतिशत तक मोटर वाहन कर में छूट मिलेगी।
सेकेंड हैंड वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत कर रियायत और पुराने वाहनों के लंबित कर बकाये में भी राहत दी जाएगी। हरियाणा को उत्तर भारत का प्रमुख वाहन रीसाइक्लिंग और ऑटो सर्कुलर इकोनॉमी हब बनाने का लक्ष्य है।