Edited By Isha, Updated: 11 Jul, 2026 08:56 AM

हरियाणा के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक नेकटाई हटाने की पहल शुरू हो सकती है। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिख सरकारी, सहायता
चंडीगढ़: हरियाणा के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक नेकटाई हटाने की पहल शुरू हो सकती है। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिख सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में पारंपरिक नेकटाई का अनिवार्य उपयोग बंद करने की सिफारिश की है।
आयोग ने देश के विभिन्न राज्यों में सामने आई उन घटनाओं का हवाला दिया है जिनमें स्कूली बच्चों की नेकटाई झूले, दीवार के हुक या अन्य वस्तुओं में फंसने से गला घुटने के कारण मौत हो गई। आयोग का कहना है कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
आयोग ने सुझाव दिया है कि यदि स्कूल वर्दी में नेकटाई रखना आवश्यक समझें तो पारंपरिक नेकटाई के स्थान पर क्लिप-ऑन (ब्रेकअवे) या वेल्क्रो (क्विक रिलीज) नेकटाई का उपयोग किया जाए। ये नेकटाई खिंचाव पड़ने पर खुल जाती हैं, जिससे गला घुटने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा कम हो जाता है।
आयोग की अध्यक्ष तृप्ति श्योराण ने कहा है कि जब तक सुरक्षित विकल्प लागू नहीं होते, तब तक खेलकूद, शारीरिक शिक्षा की कक्षाओं और अन्य ऐसी गतिविधियों के दौरान बच्चों से नेकटाई नहीं पहनवाई जाए, जहां उसके फंसने की आशंका हो।