Haryana में जर्जर भवनों में अब नहीं होगी पढ़ाई, हर जिले में ADC संभालेंगे सरकारी स्कूलों की कमान...CM सैनी का बड़ा ऐलान

Edited By Krishan Rana, Updated: 11 Jul, 2026 09:20 PM

classes will no longer be held in dilapidated buildings in haryana adcs in ever

नायब सरकार ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब स्कूल में सफाई व्यवस्था से लेकर

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): नायब सरकार ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब स्कूल में सफाई व्यवस्था से लेकर मिड-डे-मील की थाली और बच्चों की सुरक्षा की निगरानी अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) करेंगे। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद शिक्षा विभाग की ओर से एडीसी को जिला नोडल अधिकारी की कमान सौंपी गई है। 

राजकीय स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूती देने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रशासन की सीधी नजर रहेगी। अब जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और स्कूल मुखिया के कार्यों की निगरानी यानी मॉनिटरिंग एडीसी करेंगे। एडीसी निगरानी के साथ स्कूलों का औचक निरीक्षण कर खामियों की रिपोर्ट भी तैयार मुख्यालय भेजेंगे। 

शिक्षा विभाग के निदेशक जितेंद्र कुमार द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक राजकीय स्कूलों में निगरानी के लिए एडीसी को जिला नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया है। एडीसी स्कूलों की निगरानी से लेकर आधारभूत सुविधाओं, मिड-डे मील, शिक्षण गुणवत्ता, डिजिटल संसाधनों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक हर पहलू पर सीधी नजर रखेंगे। 

जर्जर भवनों में नहीं बैठेंगे बच्चे, एडीसी करेंगे तत्काल कार्रवाई
सरकार की ओर से स्पष्ट हिदायत दी गई है कि किसी भी सरकारी स्कूल में छात्र-छात्राओं को असुरक्षित या जर्जर भवन में नहीं बैठाया जाएगा। जिला नोडल अधिकारी बनाए गए एडीसी ऐसे भवनों की पहचान कर उन्हें कंडम घोषित कराने की प्रक्रिया में तेजी लाएंगे। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी उनकी होगी। इसके साथ ही जिलावार जर्जर भवनों की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी, ताकि सरकार ओर से उन्हें सुरक्षित या नए भवन बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके। 

मिड-डे मील से लेकर पानी की टंकी तक होगी जांच
मानसून के सीजन में राजकीय स्कूलों में पानी की टंकियों की साफ-सफाई को लेकर स्कूल मुखिया गंभीरता नहीं दिखाते हैं। लिहाजा, एडीसी अब स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता की भी नियमित समीक्षा करेंगे। पके हुए भोजन, कच्चे राशन, पेयजल, पानी की टंकियों और शौचालयों की साफ-सफाई की जांच करेंगे। यदि किसी स्कूल में लापरवाही मिली तो संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

डिजिटल बोर्ड और टैबलेट धूल नहीं खाएंगे
शिक्षा विभाग ने आदेश में स्पष्ट किया है कि स्कूलों में उपलब्ध स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर, टैबलेट और अन्य डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। एडीसी इन उपकरणों की कार्यशील स्थिति की समीक्षा करेंगे और खराब पड़े उपकरणों को दुरुस्त कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई कराएंगे।

विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डिप्टी डीईओ, डीपीसी, बीईओ और सरकारी स्कूलों के प्राचार्य स्कूलों से जुड़े इन कार्यों के लिए एडीसी के नियंत्रण और पर्यवेक्षण में काम करेंगे। इससे जिला स्तर पर जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी।

विद्यार्थियों की उपस्थिति पर भी रहेगी नजर
एडीसी केवल आधारभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति, अनुशासन तथा शिक्षा विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन की भी नियमित समीक्षा करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर वे विशेष निरीक्षण दल गठित कर स्कूलों का औचक निरीक्षण भी करा सकेंगे। 

एडीसी जिले के सभी सरकारी स्कूलों के संचालन और व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करेंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि स्कूलों में पेयजल, शौचालय, बाउंड्री वॉल और जलभराव जैसी आधारभूत समस्याओं का समय पर समाधान हो तथा बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

 (पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)           


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!