हरियाणा में बदलेंगे बहुमंजिला भवन निर्माण के नियम, अब एक मंजिल पर बनेगा सिर्फ एक फ्लैट; जानें सरकार का नया प्रस्ताव

Edited By Harman, Updated: 30 Jun, 2026 01:27 PM

house construction rules to change in haryana

राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद हरियाणा सरकार ने बहुमंजिला आवासीय भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद हरियाणा सरकार ने बहुमंजिला आवासीय भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में संशोधन का प्रारूप जारी करते हुए प्रस्ताव रखा है कि भविष्य में किसी भी आवासीय भवन की एक मंजिल पर केवल एक स्वतंत्र आवासीय यूनिट (ड्वेलिंग यूनिट) ही बनाई जा सकेगी। इस प्रस्ताव पर आम नागरिकों, बिल्डरों, आर्किटेक्ट्स और अन्य हितधारकों से 25 जुलाई तक सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं।

विभाग का मानना है कि प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे शहरों में एक ही मंजिल पर कई स्वतंत्र फ्लैट बनाए जाने के कारण भवनों में रहने वालों की संख्या स्वीकृत क्षमता से कहीं अधिक हो जाती है। इससे आग, भूकंप या किसी अन्य आपदा के समय लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना कठिन हो जाता है और राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित होते हैं।

बढ़ती आबादी से बढ़ रहा सुरक्षा का खतरा

गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत, करनाल, हिसार और रोहतक जैसे शहरों में बड़ी संख्या में ऐसे मकान बनाए गए हैं, जहां एक ही मंजिल को दो या उससे अधिक फ्लैटों में विभाजित कर दिया गया है। जबकि भवन निर्माण की स्वीकृति प्लॉट के आकार, फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर), पार्किंग, निकासी मार्ग और अन्य सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर दी जाती है। निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों के रहने से दुर्घटना की स्थिति में खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

क्या होगा नया नियम

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार यदि किसी प्लॉट पर चार मंजिल बनाने की अनुमति है तो प्रत्येक मंजिल पर केवल एक ही स्वतंत्र घर बनाया जा सकेगा। यानी पूरे भवन में अधिकतम चार ही आवासीय यूनिट होंगी। एक ही मंजिल को दो या उससे अधिक अलग-अलग फ्लैटों में बांटने की अनुमति नहीं मिलेगी। साथ ही भवन का निर्माण संबंधित क्षेत्र के जोनिंग प्लान और आर्किटेक्चरल कंट्रोल के अनुरूप करना अनिवार्य होगा।

बिल्डिंग कोड में होंगे तकनीकी बदलाव

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक अमित खत्री द्वारा जारी मसौदे में हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 की प्रस्तावना हटाने और 'एक्ट' की परिभाषा से जुड़े एक प्रावधान को समाप्त करने का भी प्रस्ताव शामिल किया गया है। विभाग का कहना है कि ये संशोधन बिल्डिंग कोड को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

क्या है हरियाणा बिल्डिंग कोड

हरियाणा बिल्डिंग कोड राज्य में भवन निर्माण की प्रमुख नियमावली है। इसमें भवन की ऊंचाई, एफएआर, सेटबैक, पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, वेंटिलेशन और अन्य निर्माण मानकों का निर्धारण किया जाता है। इन्हीं मानकों के आधार पर किसी भवन में रहने वाले लोगों की अनुमानित संख्या भी तय होती है। सरकार समय-समय पर बदलती शहरी आवश्यकताओं और सुरक्षा मानकों के अनुसार इसमें संशोधन करती रहती है।

25 जुलाई तक भेज सकते हैं सुझाव

विभाग ने मसौदा सार्वजनिक करते हुए नागरिकों, बिल्डरों, आर्किटेक्ट्स और अन्य संबंधित पक्षों से 25 जुलाई तक सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद संशोधित नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

आसान भाषा में समझिए प्रस्ताव

अभी कई स्थानों पर एक ही मंजिल पर दो या उससे अधिक फ्लैट बनाए जा रहे हैं। प्रस्ताव लागू होने के बाद एक मंजिल पर केवल एक ही स्वतंत्र आवासीय यूनिट बनाई जा सकेगी। यदि चार मंजिल की अनुमति होगी तो पूरे भवन में अधिकतम चार ही स्वतंत्र घर बन सकेंगे। स्वतंत्र आवासीय यूनिट का अर्थ ऐसे घर या फ्लैट से है जिसमें अलग प्रवेश द्वार, रसोई, शौचालय और रहने की पूरी व्यवस्था हो तथा एक परिवार स्वतंत्र रूप से रह सके।

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