Justice Mahavir Singh Sindhu: न्यायमूर्ति महावीर सिंह सिंधु का राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

Edited By Isha, Updated: 28 Jun, 2026 09:36 PM

justice mahavir singh sindhu cremated with state honors

माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति महावीर सिंह सिंधु का रविवार को निधन हो गया। उनके निधन से न्यायिक जगत, प्रशासनिक क्षेत्र तथा सामाजिक जीवन में शोक की लहर दौड़

चंडीगढ़ :  माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति महावीर सिंह सिंधु का रविवार को निधन हो गया। उनके निधन से न्यायिक जगत, प्रशासनिक क्षेत्र तथा सामाजिक जीवन में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उनके पैतृक गांव मसूदपुर में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। हरियाणा पुलिस के जवानों ने मातमी धुन बजाकर उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके सुपुत्र समृद्ध सिंह सिंधु ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की।

न्यायमूर्ति महावीर सिंह सिंधु की अंतिम यात्रा में देश, प्रदेश और क्षेत्र से हजारों लोग शामिल हुए और उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई दी। अंतिम यात्रा के दौरान न्यायपालिका, प्रशासन और राजनीतिक क्षेत्र से अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।

इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री अश्विनी कुमार मिश्रा, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री जी.एस. संधावालिया, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री अनिल क्षेत्रपाल चितकारा, न्यायमूर्ति श्री एच.एस. सेठी, न्यायमूर्ति श्री हरकेश मनुजा, राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री अरुण मोंगा, न्यायमूर्ति श्री वाई.एस. राठौर, न्यायमूर्ति श्री त्रिभुवन दहिया, हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, विधायक विनोद भयाना, हांसी न्यायालय के न्यायाधीश श्री तरुण चौधरी, रिटायर्ड न्यायाधीश श्री एच.एन.एस. गिल, श्री जसवंत सिंह, श्री रामेश्वर सिंह मलिक, हरियाणा के एडवोकेट जनरल श्री परमिंदर सिंह चौहान, पंजाब के एडवोकेट जनरल श्री एम.एस. बेदी सहित अनेक न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त श्री राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार, एसडीएम राजेश खोथ, नायब तहसीलदार सुरेश कुमार तथा अन्य अधिकारियों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

न्यायमूर्ति महावीर सिंह सिंधु 58 वर्ष के थे और पिछले लगभग एक वर्ष से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका इलाज मेदांता अस्पताल में चल रहा था, जहां रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती समता सिंधु ,एक पुत्र समृद्ध सिंह सिंधु, और एक पुत्री समृद्धि सिंधु हैं। उनके चार भाइयों में ईश्वर सिंह, सतवीर सिंह और महेंद्र सिंह शामिल हैं, जिनमें से ईश्वर सिंह का पूर्व में ही निधन हो चुका है।

परिजनों के अनुसार न्यायमूर्ति महावीर सिंह सिंधु की अंतिम इच्छा के अनुरूप उनका अंतिम संस्कार उनके खेत में किया गया। उनकी सादगी, न्यायप्रियता और समाज सेवा के प्रति समर्पण को उपस्थित जनसमूह ने भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ याद किया।

PunjabKesari

साधारण किसान परिवार से न्यायपालिका के शिखर तक का प्रेरणादायी सफर

न्यायमूर्ति महावीर सिंह सिंधु का जन्म 4 अप्रैल 1967 को हरियाणा के तत्कालीन हिसार (वर्तमान हांसी) जिले के गांव मसूदपुर में एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के राजकीय उच्च विद्यालय से प्राप्त की तथा दसवीं तक की पढ़ाई वहीं पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर उच्च शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 1992 में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से एलएलबी की डिग्री हासिल की।

इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में दीवानी, आपराधिक, संवैधानिक तथा सेवा संबंधी मामलों की सफलतापूर्वक पैरवी की। वे अपने परिवार के पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने वकालत के क्षेत्र में कदम रखा और अपनी प्रतिभा के दम पर देश की प्रतिष्ठित न्यायपालिका में विशिष्ट पहचान बनाई।

महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर निभाई जिम्मेदारियां

अपने लंबे विधिक जीवन के दौरान उन्होंने हरियाणा लोक सेवा आयोग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, सहकारी बैंक, बीएसएनएल सहित अनेक सरकारी संस्थानों और निकायों का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1999 में उन्हें भारत सरकार का अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता नियुक्त किया गया। इसके बाद वर्ष 2000 में वे चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता बने। वर्ष 2004 से 2008 तक हरियाणा सरकार के उप महाधिवक्ता रहे। सितंबर 2008 में पंजाब सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त हुए और दिसंबर 2009 में हरियाणा सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता का दायित्व संभाला। वर्ष 2013 में इस पद से त्यागपत्र देकर उन्होंने पुनः निजी वकालत शुरू की।

वर्ष 2016 में उन्हें पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ के उच्च एवं अधीनस्थ न्यायालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं के पैनल में शामिल किया गया। वे इंटरनेशनल लॉ एसोसिएशन (इंडिया) के सदस्य भी रहे तथा विभिन्न सामाजिक एवं जनसेवी संस्थाओं में महत्वपूर्ण दायित्व निभाए।

वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में दी उल्लेखनीय सेवाएं

10 जुलाई 2017 को उन्हें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 3 दिसंबर 2018 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। अपनी निष्पक्षता, गहन कानूनी समझ और सरल स्वभाव के कारण वे न्यायिक जगत में अत्यंत सम्मानित थे। वर्तमान में वे उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीशों में शामिल थे और वर्ष 2029 में सेवानिवृत्त होने वाले थे।

गांव और समाज से हमेशा जुड़े रहे

न्यायमूर्ति महावीर सिंह सिंधु का अपने पैतृक गांव मसूदपुर से विशेष लगाव था। व्यस्त न्यायिक जीवन के बावजूद वे समय-समय पर गांव आते थे और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भाग लेते थे। जिस राजकीय विद्यालय से उन्होंने शिक्षा प्राप्त की, वहां भी वे नियमित रूप से पहुंचते थे। विद्यालय में शिक्षा का स्तर बेहतर हो, विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं मिलें तथा ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे आगे बढ़ें, इसके लिए वे सदैव प्रयासरत रहते थे। उन्होंने गांव के विकास और सामाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

युवा पीढ़ी के लिए बने प्रेरणा स्रोत

एक साधारण किसान परिवार से निकलकर देश की प्रतिष्ठित न्यायपालिका में वरिष्ठ न्यायाधीश बनने तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने सिद्ध किया कि कठिन परिश्रम, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी व्यक्ति जीवन की सर्वोच्च उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उनका निधन केवल न्यायपालिका ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा और विशेष रूप से उनके पैतृक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। न्यायमूर्ति महावीर सिंह सिंधु को उनकी उत्कृष्ट न्यायिक सेवाओं, सादगी, विनम्रता, सामाजिक सरोकारों और न्याय के प्रति अटूट समर्पण के लिए सदैव श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाएगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!