पानी पर आर-पार: चैनत में 56 दिन से धरना, खापों ने कहा—मांग मानो, नहीं तो PM की रैली में घेरेंगे

Edited By Isha, Updated: 11 Jul, 2026 08:23 AM

standoff over water sit in at chainat enters 56th day

हांसी के निकट गांव चैनत में भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना शुक्रवार को 56वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी क्रम में गांव के मैरिज पैलेस में हरियाणा

हांसी(संदीप): हांसी के निकट गांव चैनत में भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना शुक्रवार को 56वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी क्रम में गांव के मैरिज पैलेस में हरियाणा की विभिन्न खाप पंचायतों और किसान संगठनों की संयुक्त महापंचायत आयोजित की गई।

 कई घंटे चली पंचायत के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक गांव चैनत को टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए रोधी खाप के प्रधान हरदीप शर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को 14 जुलाई तक का समय दिया है।  उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि तक गांव की मांग पूरी नहीं हुई, तो 17 जुलाई को जींद में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में खाप पंचायतें और चैनत के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचकर सीधे प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी मांग रखेंगे।

महापंचायत में मौजूद किसान संगठनों और खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद पाइपलाइन में टी-कनेक्शन लगवाती है और बाद में उसे उखड़वाकर ग्रामीणों पर ही मुकदमे दर्ज कर देती है, जिसे उन्होंने अन्यायपूर्ण बताया।

वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि एक ओर मुख्यमंत्री पाइपलाइन के माध्यम से यमुना का पानी राजस्थान भेजने की बात करते हैं, वहीं अपने ही प्रदेश के लोग पीने के पानी के लिए धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।  

खाप प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि 14 जुलाई तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हर हाल में मुलाकात कर चैनत के लिए टी-कनेक्शन की मांग रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह भ्रम न पाले कि खाप पंचायतों को रैली तक पहुंचने से रोका जा सकेगा। तरीका चाहे जो भी अपनाना पड़े, हम प्रधानमंत्री तक अपनी बात हर हाल में पहुंचाएंगे। पंचायत के अंत में सभी संगठनों ने आंदोलन को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया।

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