Edited By Isha, Updated: 04 Jul, 2026 08:57 AM

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी किसानों के नलकूपों के पानी की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच तुरंत शुरू की जाए ताकि किसानों को उनके खेत और पानी की स्थिति के अनुसार सही फसल और खेती की तकनीक की सलाह मिल सके।
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी किसानों के नलकूपों के पानी की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच तुरंत शुरू की जाए ताकि किसानों को उनके खेत और पानी की स्थिति के अनुसार सही फसल और खेती की तकनीक की सलाह मिल सके।
इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की भी योजना है जिससे किसान घर बैठे ही अपनी पानी रिपोर्ट और कृषि सलाह प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक में कहा कि किसानों के लिए नलकूप पानी की जांच पूरी तरह मुफ्त होगी।
किसान अपने पानी के सैंपल नजदीकी प्रयोगशालाओं में जमा करा सकेंगे। इस व्यवस्था को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल से जोड़ा जाएगा जिससे हर सैंपल की रिपोर्ट, रिकॉर्ड और सलाह ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इससे किसानों को कृषि उपज बढ़ाने में मदद मिलेगी और उन्हें काफी फायदा होगा।
बढ़ सकती है किसानों की प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि गन्ने की ज्यादा पैदावार करने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि बढ़ाने पर विचार किया जाए ताकि किसान नई और बेहतर तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हों।उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की मेहनत और लागत कम करने के लिए उन्हें शुगरकेन हार्वेस्टर उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जाए। इससे कटाई आसान होगी और समय व खर्च दोनों की बचत होगी। मुख्यमंत्री ने टिश्यू कल्चर तकनीक को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।