Edited By Isha, Updated: 03 Jul, 2026 02:10 PM

शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के करीब 325 कर्मचारियों ने पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मीरी-पीरी कर्मचा
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के करीब 325 कर्मचारियों ने पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मीरी-पीरी कर्मचारी संघर्ष समिति का गठन भी किया है। समिति के नेतृत्व में कर्मचारियों ने वेतन जारी करने की मांग उठाते हुए आंदोलन शुरू किया।
कर्मचारियों का कहना है कि लगातार तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है, बच्चों की पढ़ाई, बैंक की किस्तें, मकान का किराया तथा दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों को उधार लेकर परिवार का पालन-पोषण करना पड़ रहा है।
संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि वे कई बार संस्थान प्रबंधन के समक्ष वेतन जारी करने की मांग रख चुके हैं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। लंबे समय तक इंतजार के बाद भी कोई समाधान नहीं निकलने पर कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
धरना शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन इसका असर अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। कर्मचारियों के अनुसार आंदोलन के दौरान ओपीडी और आईपीडी सेवाएं प्रभावित रहेंगी। हालांकि मरीजों के हित को देखते हुए आपातकालीन सेवाएं किसी भी स्थिति में बंद नहीं की जाएंगी और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का उपचार जारी रहेगा।
संस्थान के प्रबंधन को लेकर चल रहा है विवाद
मीरी-पीरी संस्थान का प्रबंधन पिछले कुछ वर्षों से विवादों में रहा है। वर्ष 2022 में हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) को मान्यता मिलने के बाद संस्थान को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और एचएसजीएमसी के बीच विवाद शुरू हुआ था। बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद 12 मई 2026 से संस्थान का प्रबंधन एचएसजीएमसी ने संभाल लिया। कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन परिवर्तन के बाद भी वेतन भुगतान का मुद्दा अब तक हल नहीं हो पाया है।
धरना दे रहे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाएं सुचारु रूप से जारी रखने का भरोसा भी दिया गया है।