Edited By Isha, Updated: 03 Jul, 2026 12:58 PM

हरियाणा सरकार जमीन की रजिस्ट्री और इंतकाल (म्यूटेशन) प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विदेश में रहने वाले हरियाणा के लोगों के लिए भी वीडियो
डेस्क: हरियाणा सरकार जमीन की रजिस्ट्री और इंतकाल (म्यूटेशन) प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विदेश में रहने वाले हरियाणा के लोगों के लिए भी वीडियो कॉल या अन्य आधुनिक तकनीक के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्री की व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही प्रदेश में लंबित सभी पुराने इंतकाल मामलों का निपटारा अगले एक माह के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 और ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था की समीक्षा बैठक में कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा राजस्व तंत्र विकसित करना है, जहां जमीन की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री और म्यूटेशन से जुड़े सभी कार्य सरल, सुरक्षित, पारदर्शी और तय समय में पूरे हों। आम नागरिकों और किसानों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें और अधिकतर सुविधाएं घर बैठे उपलब्ध हों।
आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 में नागरिकों के सुझावों के आधार पर कई सुधार किए गए हैं। नई व्यवस्था में आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमैट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। प्रत्येक दस्तावेज पर क्यूआर कोड होगा जिससे उसकी प्रामाणिकता की जांच की जा सकेगी। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए चयनित रजिस्ट्री आवेदनों की निगरानी एसडीएम, डीआरओ स्तर पर भी होगी। अब डीटीपी की एनओसी जैसे दस्तावेज अलग से जमा कराने की जरूरत नहीं होगी।
संबंधित विभागों से ऑनलाइन सत्यापन होगा। आवेदक आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे, अतिरिक्त दस्तावेज और ई-स्टाम्प भी डिजिटल माध्यम से अपलोड कर सकेंगे। सामान्य अपॉइंटमेंट को जरूरत पड़ने पर तत्काल श्रेणी में बदलने की सुविधा भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खाता काश्त से जुड़े मालिकाना हक के मामलों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी या तहसील कर्मी जानबूझकर लापरवाही करता है या रजिस्ट्री प्रक्रिया में अनावश्यक आपत्ति लगाता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही नई व्यवस्था की नियमित साप्ताहिक मॉनिटरिंग और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।