भिवानी में दर्दनाक हादसा: स्कूल ड्रेस बदलते समय गले का फंदा बनी टाई, 7 वर्षीय मासूम की दम घुटने से मौत

Edited By Isha, Updated: 04 Jul, 2026 08:11 AM

tragic incident in bhiwani tie turns into a noose while changing school uniform

जिले के गांव फूलपुरा से एक बेहद हैरान और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक 7 साल के मासूम बच्चे की स्कूल की टाई ही उसकी मौत का कारण बन गई। स्कूल से घर लौटने के बाद जब बच्चा अपनी

भिवानी: जिले के गांव फूलपुरा से एक बेहद हैरान और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक 7 साल के मासूम बच्चे की स्कूल की टाई ही उसकी मौत का कारण बन गई। स्कूल से घर लौटने के बाद जब बच्चा अपनी यूनिफॉर्म बदल रहा था, तो टाई की गांठ खुलने के बजाय गले में कसती चली गई, जिससे दम घुटने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद से पूरे इलाके और पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, घटना वीरवार दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे की है। गांव फूलपुरा का रहने वाला 7 वर्षीय हर्षित रोज की तरह अपने स्कूल से घर लौटा था। घर आने के बाद वह अपने कमरे में स्कूल ड्रेस बदलने के लिए गया।परिजनों के मुताबिक, हर्षित ने अपने गले में बंधी स्कूल की टाई को खुद से खोलने का प्रयास किया। लेकिन सही समझ न होने के कारण, गांठ ढीली होने के बजाय उल्टी दिशा में खिंच गई और गले में कस गई।खरक पुलिस चौकी के जांच अधिकारी वीरेंद्र ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हर्षित की टाई में इलास्टिक (Elastic) नहीं लगी थी, वह साधारण कपड़े वाली गांठ वाली टाई थी।

हर्षित का दुर्भाग्य यह रहा कि वह मासूमियत में उस गांठ को जितना ज्यादा खोलने या खींचने का प्रयास करता गया, गांठ का कसाव उसके गले पर उतना ही अधिक बढ़ता चला गया। आखिरकार, फंदा इतना टाइट हो गया कि बच्चे की श्वास नली पूरी तरह ब्लॉक हो गई और तड़प-तड़पकर उसका दम घुट गया।

 कमरे का नजारा देख उड़े होश, अस्पताल में डॉक्टरों ने तोड़ा ढांढस
जब काफी देर बीत जाने के बाद भी हर्षित अपने कमरे से बाहर नहीं आया, तो परिजनों को कुछ अजीब लगा। मां और घर के अन्य सदस्यों ने जब कमरे के अंदर जाकर देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मासूम हर्षित जमीन पर बेसुध (अचेत) हालत में पड़ा हुआ था।घरवाले बिना एक पल गंवाए उसे तुरंत भिवानी के नागरिक अस्पताल लेकर भागे। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने उसकी जांच की, लेकिन अफसोस तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने हर्षित को 'मृत घोषित' कर दिया।

रोहतक में काम करते हैं पिता, दो भाइयों में बड़ा था हर्षित
इस भयानक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। मृतक हर्षित के पिता अनिल, रोहतक में एक कपड़े की दुकान पर काम करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। हर्षित अपने दो भाइयों में बड़ा था और माता-पिता का लाडला था।

पुलिस अधिकारी वीरेंद्र ने बताया कि पिता अनिल के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उन्होंने अपने बयान में साफ किया है कि यह पूरी तरह से एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था। पुलिस ने मामले में इत्तफाकिया (accidental death) कार्रवाई अमल में लाई है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!