हरियाणा का देश के कुल जीएसटी संग्रह में 7.4% योगदान, 2018 से दोगुना हुआ टैक्स कलेक्शन...जून में आए 4,175 करोड़

Edited By Isha, Updated: 02 Jul, 2026 10:16 AM

haryana contributes 7 4 to the country s total gst collection

भारत के कुल क्षेत्रफल का केवल 1.34 प्रतिशत और राष्ट्रीय जनसंख्या का केवल 2.2 प्रतिशत होने के बावजूद हरियाणा राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में लगभग 7.4 प्रतिशत का योगदान देता है। वित्त वर्ष 2018-19 और 2024-25 के बीच हरियाणा का जीएसटी राजस्व दोगुने से अधिक...

चंडीगढ( चन्द्र शेखर धरणी ): भारत के कुल क्षेत्रफल का केवल 1.34 प्रतिशत और राष्ट्रीय जनसंख्या का केवल 2.2 प्रतिशत होने के बावजूद हरियाणा राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में लगभग 7.4 प्रतिशत का योगदान देता है। वित्त वर्ष 2018-19 और 2024-25 के बीच हरियाणा का जीएसटी राजस्व दोगुने से अधिक हो गया है।

 

यह जानकारी आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ ने बुधवार को कर माल एवं सेवा अधिनियम (जीएसटी) के सफल कार्यान्वयन की 9वीं वर्षगांठ पर पंचकूला में आयोजित एक समारोह की अध्यक्षता करते हुए दी।

 

उन्होंने बताया कि हरियाणा ने जून 2025 की तुलना में जून 2026 में जीएसटी संग्रह में 14.66 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की। हरियाणा ने जून 2025 के दौरान 3,641 करोड़ रुपये के संग्रह के मुकाबले जून 2026 के दौरान 4,175 करोड़ रुपये का संग्रह किया। जून 2026 के दौरान संग्रह के लिए राज्य गुजरात और आंध्र प्रदेश के बाद प्रमुख राज्यों में तीसरे स्थान पर रहा। जून के दौरान राज्य जीएसटी संग्रह में राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर 9 प्रतिशत रही है।

 

उन्होंने बताया कि हरियाणा वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले तीन महीनों में राज्य जीएसटी राजस्व की संचयी वृद्धि दर में भी सभी राज्यों में पहले स्थान पर है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 32 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है। चालू वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों के दौरान राज्य जीएसटी राजस्व की औसत राष्ट्रीय वृद्धि 18 प्रतिशत है।

 

श्रीमती आशिमा बराड़ ने जीएसटी कार्यान्वयन के पिछले नौ वर्षों की यात्रा को शानदार बताते हुए इस दौरान सामने आई चुनौतियों और उन पर काबू पाने में राज्य की सफलता की कहानी पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जीएसटी के विकसित हो रहे अप्रत्यक्ष कर ढांचे पर भी चर्चा की।

 

श्रीमती बराड़ ने कहा कि सितंबर 2025 में किए गए एक बड़े जीएसटी सुधार में, जीएसटी के मल्टी-टियर रेट स्ट्रक्चर को सरल बनाकर व्यावहारिक रूप से दो-स्तरीय रेट स्ट्रक्चर में बदल दिया गया। इसके अलावा, अधिकांश मामलों में इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को समाप्त कर दिया गया है। रेट युक्तिकरण ने उपभोक्ताओं पर कर भार भी कम किया, जिसमें सभी मेरिट गुड्स को 5 प्रतिशत स्लैब में और उपभोक्ता सामान को 18 प्रतिशत की मानक दर पर रखा गया है। उन्होंने जीएसटी की सफलता की कहानी में प्रमुख हितधारकों के रूप में करदाताओं और कर व्यवसायियों के योगदान पर प्रकाश डाला।

 

आबकारी एवं कराधान आयुक्त श्री विनय प्रताप सिंह ने जीएसटी संग्रह की दिशा में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि 2025-26 के दौरान सभी राज्यों में राज्य जीएसटी राजस्व की वृद्धि दर में हरियाणा 22 प्रतिशत वृद्धि के साथ पहले स्थान पर रहा। चालू वित्तीय वर्ष में भी जून 2026 तक 32 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ राज्य सभी राज्यों में राज्य जीएसटी संग्रह की वृद्धि दर में पहला स्थान बनाए हुए है। सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने करदाताओं और कर व्यवसायियों से एक कुशल और पारदर्शी कर प्रशासन की दिशा में विभाग के साथ सहयोग करने का आह्वान किया।

 

समारोह को व्यापार और उद्योग, कर बार के प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने जीएसटी कार्यान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त करते हुए राज्य की सीमाओं के पार वस्तुओं और सेवाओं के निर्बाध प्रवाह पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश में एकल बाजार बनाने वाले 'वन नेशन वन टैक्स' के लाभ के बारे में बात की।

 

इस दौरान राज्य जीएसटी राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कुछ अनुपालनशील करदाताओं को सम्मानित भी किया गया। समारोह में  विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कर-बार के सदस्य, सीए, कर व्यवसायी और व्यापार एवं उद्योग के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।


 
 

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