Edited By Harman, Updated: 25 Jul, 2026 11:21 AM

हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 33.84 लाख वोटर अभी वोटर लिस्ट से बाहर है। बता दें कि सत्यापन के दौरान 16% ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए जो अपने दर्ज पते पर नहीं मिले, दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी...
हरियाणा डेस्क : हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 33.84 लाख वोटर अभी वोटर लिस्ट से बाहर है। बता दें कि सत्यापन के दौरान 16% ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए जो अपने दर्ज पते पर नहीं मिले, दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है अथवा जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं।
31 जुलाई के बाद पेश कर सकते है दावा-आपत्ति
इसके बाद 31 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रारूप सूची जारी होने के बाद 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इनका निपटारा 28 सितंबर तक किया जाएगा और सभी दावों-आपत्तियों के समाधान के बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
सूची में नाम नही तो फार्म-6 भरें
बता दें कि अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है, तो फॉर्म-6 भरें। जिन लोगों के नाम अभी वोटर लिस्ट में नहीं हैं, वे 'फॉर्म 6' भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। वहीं नाम हटवाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए आप 'फॉर्म 7' भर सकते हैं और नाम, पता, फोटो या दूसरी जानकारी में बदलाव के लिए 'फॉर्म 8' भर सकते हैं।
फरीदाबाद और गुरुग्राम में सबसे अधिक असर
संभावित रूप से मतदाता सूची से बाहर होने वाले मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक फरीदाबाद जिले में दर्ज की गई है, जहां 5.09 लाख नाम हटने की संभावना है। इसके बाद गुरुग्राम में 4.01 लाख, सोनीपत में 2.44 लाख, करनाल में 2.12 लाख और पानीपत में 1.89 लाख मतदाता इस श्रेणी में आए हैं। प्रतिशत के आधार पर भी फरीदाबाद, गुरुग्राम और पंचकूला सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। वहीं डिजिटाइजेशन कार्य में फतेहाबाद, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला इस कार्य में अभी पीछे हैं।