Edited By Isha, Updated: 18 Jul, 2026 09:02 AM

हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत प्रदेश में करीब 99.36 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन हो गया है। प्रदेशभर में 34 लाख 12 हजार 438 मतदाता नहीं मिले हैं। 11 जिलों में मतदाता सत्यापन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है।
चंडीगढ़: हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत प्रदेश में करीब 99.36 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन हो गया है। प्रदेशभर में 34 लाख 12 हजार 438 मतदाता नहीं मिले हैं। 11 जिलों में मतदाता सत्यापन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है।
प्रदेश के 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 मतदाताओं में से 2 करोड़ 5 लाख 23 हजार 712 मतदाताओं का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। अभियान के दौरान घरों में न मिलने वाले 34 लाख 12 हजार 438 मतदाताओं में अधिकांश प्रवासी, नौकरी, शिक्षा या अन्य कारणों से अपने पते पर मौजूद नहीं थे। इन मतदाताओं का रिकॉर्ड भी विशेष श्रेणी में दर्ज किया गया है।
दूसरी ओर प्रदेश में अभी 1 लाख 32 हजार 217 मतदाताओं का सत्यापन लंबित है। गुरुग्राम में अभी सबसे ज्यादा 84,198 मतदाताओं का सत्यापन लंबित है। इसके बाद फरीदाबाद (14,848), हिसार (12,058), झज्जर (6,529), रोहतक (4,959), पानीपत (3,288), सोनीपत (2,022), भिवानी (1,824), करनाल (1,428), पंचकूला (517), अंबाला (509) और महेंद्रगढ़ (37) में कार्य शेष है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि एसआईआर के तहत 17 जुलाई तक 11 जिलों में शत-प्रतिशत कार्य हो गया है। अब
मतदाता 24 जुलाई तक अपना गणना (सत्यापन) फॉर्म बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को या ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
यदि कोई मतदाता तय समय तक फॉर्म जमा नहीं करता है तो उसका नाम 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इनका निपटारा 28 सितंबर तक होगा और 3 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी
इन जिलों में शत-प्रतिशत सत्यापन
महेंद्रगढ़, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, फतेहाबाद, सिरसा, रेवाड़ी, नूंह, पलवल और चरखी दादरी जिलों में मतदाताओं के सत्यापन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो गया है। इन जिलों में यमुनानगर में सबसे ज्यादा 1,38,179 मतदाता घर पर नहीं मिले। जींद में 1 लाख 23 हजार और कुरुक्षेत्र जिले में 1 लाख 13 हजार से ज्यादा मतदाता नहीं मिले। सिरसा, पलवल और रेवाड़ी जिलों में भी करीब एक-एक लाख से ज्यादा मतदाता एसआईआर के दौरान नहीं मिले।