दान में दी 24 एकड़ जमीन, बदले में मिला नरक; जींद के हैबतपुर गांव की सुध लेने वाला कोई नहीं!

Edited By Isha, Updated: 10 Jul, 2026 02:45 PM

donated 24 acres of land got hell in return

जींद से सटे हैबतपुर गांव में पिछले 10 वर्षों से जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री Manohar Lal Khattar के कार्यकाल में गांव की पंचायत ने जींद मेडिकल कॉ

जींद(अमनदीप पिलानिया): जींद से सटे हैबतपुर गांव में पिछले 10 वर्षों से जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री Manohar Lal Khattar के कार्यकाल में गांव की पंचायत ने जींद मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 24 एकड़ जमीन दान दी थी। उस समय सरकार की ओर से गांव की जलनिकासी समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी ग्रामीण आज उसी समस्या से जूझ रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव के तालाब का पानी पहले उक्त 24 एकड़ भूमि में पाइपलाइन और मोटरों के माध्यम से पहुंचाया जाता था, जिससे गलियों और तालाब में जलभराव की स्थिति नियंत्रित रहती थी। बाद में उसी भूमि पर संत शिरोमणि भक्त धन्ना जाट राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण शुरू हुआ, जिसके बाद गांव की जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।

PunjabKesari
वर्तमान में तालाब के ओवरफ्लो होने के कारण गांव की कई गलियों में पानी जमा रहता है। गांव की महिलाओं का कहना है कि वर्षों से गलियों में खड़ा पानी बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है। लगातार नमी रहने से मकानों की दीवारें कमजोर हो रही हैं और सांप व अन्य जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि जींद प्रशासन और हरियाणा सरकार के विकास संबंधी दावे गांव की इस मूलभूत समस्या के सामने फीके साबित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन देने के बावजूद गांव को उसके बदले में कोई बड़ी राहत नहीं मिली। उधर, 17 जुलाई को प्रधानमंत्री Narendra Modi के जींद आगमन को लेकर जिले में तैयारियां जोरों पर हैं। प्रधानमंत्री देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए जींद पहुंचेंगे। वहीं जिले के लोगों को उम्मीद थी कि करीब 10 वर्षों से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री के हाथों होगा, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।

PunjabKesari

जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हुए लगभग 10 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इसका करीब 70 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के संचालन को लेकर लोगों की उम्मीदें अभी भी अधूरी हैं, जबकि हैबतपुर गांव के ग्रामीण आज भी जलनिकासी की समस्या के समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!