Edited By Isha, Updated: 12 Jul, 2026 12:59 PM

हरियाणा सरकार ने आबकारी विभाग (Excise Department) में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को राज्य में संशोधित 'ट्रैक
डेस्क: हरियाणा सरकार ने आबकारी विभाग (Excise Department) में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को राज्य में संशोधित 'ट्रैक एंड ट्रेस' प्रणाली और आठ नई ऑनलाइन आबकारी सेवाओं की शुरुआत की। इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत अब शराब की बोतल के उत्पादन (मैन्युफैक्चरिंग) से लेकर उसकी अंतिम बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया पर डिजिटल तरीके से कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी।
क्यूआर कोड से होगी हर बोतल की पहचान
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरी प्रणाली क्यूआर कोड (QR Code) पर आधारित होगी। डिस्टिलरी और बॉटलिंग प्लांट से लेकर थोक (Wholesale) और खुदरा (Retail) बिक्री तक, हर एक बोतल की अपनी एक विशिष्ट और अलग पहचान होगी। इस तकनीक की मदद से आबकारी विभाग पल भर में यह पता लगा सकेगा कि कोई विशेष बोतल कहां बनी थी और उसे किस स्तर पर बेचा गया है।
घर बैठे मिलेंगी आबकारी विभाग की 8 सेवाएं
जनता और व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने आबकारी लाइसेंस और अनुमतियों (Permissions) से जुड़ी 8 महत्वपूर्ण सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
इन प्रमुख सेवाओं को किया गया ऑनलाइन:
- सामाजिक कार्यक्रमों, संगीत कार्यक्रमों (Concerts) और प्रदर्शनियों (Exhibitions) आदि में सीमित समय के लिए शराब परोसने का लाइसेंस।
- मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हॉलों का वार्षिक (Annual) रजिस्ट्रेशन।
- विकृत स्पिरिट (Denatured Spirit) आउटलेट लाइसेंस और औद्योगिक व औषधीय स्पिरिट परमिट।
- खुदरा शराब दुकानों (Liquor Vends) के समय विस्तार की अनुमति।