हरियाणा में नशे के खिलाफ अब एक और बड़ा एक्शन, CM सैनी ने जिला स्तर पर टास्क फोर्स बनाने का किया ऐलान

Edited By Harman, Updated: 11 Jul, 2026 04:32 PM

cm saini announced the formation of a task force at the district level

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, गांव, मोहल्ले और शहर को भी नशा मुक्त बनाने का संकल्प लें।

चंडीगढ़ ( चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, गांव, मोहल्ले और शहर को भी नशा मुक्त बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार का उद्देश्य केवल नशा तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि समाज में नशे की मांग को समाप्त करना भी है।

शनिवार को पंचकूला में 'हरियाणा उदय' अभियान के तहत आयोजित 'नशा मुक्त हरियाणा के लिए एनजीओ एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ संवाद' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवता, परिवार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा गंभीर सामाजिक संकट है। कार्यक्रम में उन्होंने उपस्थित लोगों को नशा विरोधी शपथ भी दिलाई।

विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब देश और प्रदेश का युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाएगा। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त हरियाणा केवल एक सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत की मजबूत नींव है। सरकार इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा का अभियान

नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशा मुक्त हरियाणा का संकल्प केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा का अभियान है। इस दिशा में कार्य करने वाला प्रत्येक सामाजिक संगठन, स्वयंसेवक, केमिस्ट, पुलिस अधिकारी और जागरूक नागरिक प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

नशा पूरे परिवार और समाज को तोड़ देता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा व्यक्ति का केवल स्वास्थ्य ही नहीं बिगाड़ता, बल्कि उसका आत्मविश्वास, परिवार, संस्कार और सामाजिक मूल्य भी नष्ट कर देता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश का युवा नशे की गिरफ्त में चला जाता है तो यह केवल एक व्यक्ति की हार नहीं, बल्कि पूरे समाज की पराजय है। नशा मां की मुस्कान, पिता का सहारा, बहन की सुरक्षा, पत्नी का विश्वास और बच्चों का भविष्य तक छीन लेता है।

जनभागीदारी से ही मिलेगी स्थायी सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब समाज किसी बुराई के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा हुआ, तब बड़े से बड़े बदलाव संभव हुए हैं। उन्होंने महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि अब नशे के खिलाफ भी इसी तरह का व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता है।
उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों से गांव-गांव, वार्ड-वार्ड और मोहल्लों तक पहुंचकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा स्कूलों, कॉलेजों और खेल मैदानों में संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया।

केमिस्ट समाज की जिम्मेदारी भी अहम

मुख्यमंत्री ने कहा कि केमिस्ट केवल दवा विक्रेता नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य के प्रहरी हैं। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने में दवा विक्रेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रतिबंधित और संवेदनशील दवाओं की बिक्री पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ होनी चाहिए, ताकि कोई दवा गलत हाथों में न पहुंचे।

नशा छोड़ने वालों को अपनापन देना भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को समाज से अलग करने के बजाय उन्हें दोबारा सामान्य जीवन में लौटने का अवसर दिया जाना चाहिए। विश्वास, अपनापन और सकारात्मक वातावरण किसी भी व्यक्ति के जीवन में बदलाव ला सकता है। समाज को ऐसे लोगों के पुनर्वास में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

एआई और स्टार्टअप के दौर में युवाओं की सुरक्षा जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और नवाचार के नए युग में प्रवेश कर चुका है। ऐसे समय में यदि कोई युवा नशे की ओर बढ़ता है तो देश एक संभावित वैज्ञानिक, खिलाड़ी, उद्यमी और राष्ट्र निर्माता को खो देता है। इसलिए युवाओं को नशे से बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

अभिभावकों से बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने की अपील

मुख्यमंत्री ने माता-पिता से आग्रह किया कि वे बच्चों के साथ अधिक समय बिताएं, उनकी बातें सुनें और उन्हें मोबाइल की दुनिया से बाहर निकालकर परिवार से जोड़ें। उन्होंने कहा कि जब माता-पिता बच्चों के मित्र बनेंगे, तभी परिवार और समाज दोनों सुरक्षित रहेंगे।

जिला स्तर पर बनेगी टास्क फोर्स

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने के लिए जिला एवं स्थानीय स्तर पर टास्क फोर्स गठित की जाएगी। इसमें एसडीएम, बीडीपीओ, ग्राम सरपंच और नशा विरोधी अभियान से जुड़े एनजीओ प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर प्रभावी समन्वय और जनजागरूकता अभियान चलाया जा सके। उन्होंने बताया कि सरकार नशा कारोबारियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। नशे के कारोबार में शामिल लोगों की संपत्तियां सीज की गई हैं और अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर भी कार्रवाई की गई है।

केमिस्ट एसोसिएशन ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

संवाद कार्यक्रम के दौरान केमिस्ट एसोसिएशन और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था और पूरी दवा सप्लाई चेन की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि केवल दवा विक्रेताओं पर कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि दवाओं की पूरी आपूर्ति व्यवस्था पर तकनीकी और पारदर्शी निगरानी आवश्यक है।मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जनहित में प्राप्त सभी व्यावहारिक और उपयोगी सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी और उन्हें प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।


 

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