हरियाणा के किसानों को बड़ी राहत, अब PPP में शामिल नहीं होगी 5 लाख से कम की फसल आय

Edited By Isha, Updated: 17 Jul, 2026 02:03 PM

crop income below 5 lakh will no longer be included in the ppp

हरियाणा में छोटे किसानों और पट्टे पर खेती करने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है। अब ई खरीद के माध्यम से पांच लाख रुपये से कम की फसल बेचने पर होने वाली आय फैमिली आईडी में शामिल नहीं होगी।

चंडीगढ़: हरियाणा में छोटे किसानों और पट्टे पर खेती करने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है। अब ई खरीद के माध्यम से पांच लाख रुपये से कम की फसल बेचने पर होने वाली आय फैमिली आईडी में शामिल नहीं होगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में आसानी होगी। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल का ब्योरा भी अब शामिल नहीं होगा। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से इसका ब्योरा हटा दिया गया है।

हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के राज्य समन्वयक डॉ. सतीश खोला ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है। नए नियमों का सबसे अधिक न लाभ बटाई (पट्टे) पर खेती करने वाले या तीन एकड़ तक के किसानों को होगा। डॉ. खोला ने बताया कि अब मेरी मेरा फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के आधार पर दर्ज होने वाले फसल बिक्री मूल्य को परिवार की आय में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर केवल पांच लाख रुपये से अधिक की ई-खरीद (ई-प्रोक्योरमेंट) से संबंधित डेटा को ही आय निर्धारण के लिए आधार माना जाएगा।

उन्होंने कहा कि पहले कई किसानों की फसल बिक्री का पूरा मूल्य आय के रूप में दर्ज होने से उनकी वार्षिक आय वास्तविकता से अधिक दिखाई देती थी। ऐसे में अनेक पात्र किसान परिवार विभिन्न सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों और आर्थिक सहायता योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाते थे। किसानों की मांग और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था में सुधार करवाया है। इससे लाखों छोटे और मध्यम किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को केवल तकनीकी त्रुटियों या डेटा संबंधी विसंगतियों के कारण योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े।  

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