Edited By Krishan Rana, Updated: 21 May, 2026 08:27 PM

IMT बावल स्थित जीएलएस इंक कंपनी में हुए भीषण अग्निकांड ने अब एक और दर्दनाक मोड़
रेवाड़ी (महेंद्र भारती) : IMT बावल स्थित जीएलएस इंक कंपनी में हुए भीषण अग्निकांड ने अब एक और दर्दनाक मोड़ ले लिया है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारी 35 वर्षीय हरिबाबु की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हरिबाबु उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला था और कंपनी में कार्यरत था।
इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। बताया जा रहा है कि आग लगने के दौरान कुल छह कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनमें से दो का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा था। इनमें हरिबाबु ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे कर्मचारी की हालत भी गंभीर बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर हादसे के बाद से लापता चल रहे दो कर्मचारियों की तलाश के लिए वीरवार को भी कंपनी परिसर में दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
एनडीआरएफ, दमकल विभाग और प्रशासनिक टीमों ने फैक्ट्री के अंदर मलबे और जले हुए हिस्सों में गहन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक दोनों कर्मचारियों का कोई सुराग नहीं लग सका। लापता कर्मचारियों के परिजनों का गुस्सा भी अब खुलकर सामने आने लगा है।
परिजनों ने कंपनी के बाहर प्रदर्शन करते हुए कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना था कि हादसे के बाद से उन्हें सही जानकारी तक नहीं दी जा रही और प्रशासन भी स्पष्ट जवाब देने से बच रहा है। गौरतलब है कि आईएमटी बावल की जीएलएस इंक कंपनी पर पहले दिन से ही सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और कर्मचारियों के अनुसार आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी यूनिट धुएं और आग की चपेट में आ गई। कई कर्मचारियों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला।
अब तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को हुए इस अग्निकांड के दौरान कंपनी में 167 स्थायी कर्मचारी और करीब 90 ठेका कर्मचारी काम कर रहे थे। इतने बड़े स्तर पर कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं।
हादसे के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। कंपनी में सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास व्यवस्था और फायर सेफ्टी मानकों को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है। वहीं परिजनों और श्रमिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा मृतक और घायलों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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