Edited By Isha, Updated: 22 May, 2026 06:14 PM

खेल जगत से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई है। यह
नई दिल्ली(कमल कांसल): दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई है। यह मामला स्टार पहलवान विनेश फोगाट को एक घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से अयोग्य (Disqualified) घोषित करने से जुड़ा हुआ है।
विनेश फोगाट को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पहलवान के पक्ष में बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने इस मामले में सीधे केंद्र सरकार (खेल मंत्रालय) को हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि खिलाड़ियों के करियर के साथ इस तरह का मनमाना रवैया बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
केंद्र सरकार तुरंत एक स्वतंत्र विशेषज्ञ पैनल (Expert Panel) का गठन करे, जो विनेश फोगाट के मामले की पूरी समीक्षा करेगा। यह नवगठित पैनल ही विनेश फोगाट की योग्यता और घरेलू टूर्नामेंट में उनके शामिल होने की संभावनाओं का आकलन करेगा। पैनल की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर ही उनके खेलने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
इस फैसले को खेल विश्लेषक भारतीय खेल प्रशासन में एक मील का पत्थर मान रहे हैं। काफी समय से विवादों के घेरे में रहे भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के लिए यह एक बड़ा झटका है। कोर्ट के इस कड़े रुख से यह संदेश साफ गया है कि कोई भी खेल संघ स्थापित नियमों और निष्पक्षता को ताक पर रखकर खिलाड़ियों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई नहीं कर सकता। घरेलू टूर्नामेंटों में हिस्सा लेना किसी भी खिलाड़ी के लिए अपनी फॉर्म और रैंकिंग को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी होता है। ऐसे में कोर्ट का यह अंतरिम निर्देश विनेश फोगाट के करियर और उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की उम्मीदों के लिए एक बहुत बड़ी राहत लेकर आया है।