Edited By Manisha rana, Updated: 22 May, 2026 09:14 AM

हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के औपचारिक निरीक्षण के लिए गठित कमेटी संबंधी आदेशों को वापस ले लिया है। विभाग की ओर से जारी पत्र में 21 अप्रैल, 2026 के आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की जानकारी दी गई है।
चंडीगढ़ : हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के औपचारिक निरीक्षण के लिए गठित कमेटी संबंधी आदेशों को वापस ले लिया है। विभाग की ओर से जारी पत्र में 21 अप्रैल, 2026 के आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की जानकारी दी गई है।
दरअसल उच्च शिक्षा विभाग ने अप्रैल में एक कमेटी गठित की थी जिसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षण गतिविधियों की गुणवत्ता का निरीक्षण करना था। इस कमेटी में शिक्षा मंत्री के पी.एस. करण सिंह, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के सदस्य डा. सतरूप ढांडा और शिक्षा मंत्री के पी.ए. प्रदीप जागलान को शामिल किया गया था। कमेटी में शामिल शिक्षा मंत्री के स्टाफ की योग्यता को लेकर विभाग के प्रोफैसर सोशल मीडिया पर मुखर हो रहे थे। उनका कहना था कि शिक्षा मंत्री के स्टाफ के पास कौन सी टैक्नीकल दक्षता है जिसके आधार पर उसके कमेटी में लिया गया है जबकि विभाग से किसी भी सीनियर अधिकारी को कमेटी में शामिल नहीं किया गया है। विरोध बढ़ता देख विभाग की ओर से फैसला बदला गया है।
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