हरियाणा में श्रम क्षेत्र की डिजिटल क्रांति की शुरुआत, मंत्री अनिल विज ने किया ‘श्रममित्र’ ऐप का शुभारंभ

Edited By Krishan Rana, Updated: 20 May, 2026 05:59 PM

haryana marks the beginning of a digital revolution in the labour sector with t

हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने आज राज्य के श्रमिकों एवं श्रम-नियोक्ताओं को आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी):  हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने आज राज्य के श्रमिकों एवं श्रम-नियोक्ताओं को आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए “श्रममित्र” ऐप का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि यह ऐप डिजिटल क्रांति के तहत विकसित किया गया एक अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म है, जो श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच सीधा, पारदर्शी और त्वरित संपर्क स्थापित करेगा। यह ऐप हिन्दी, अंग्रेजी और पंजाबी - तीन भाषाओं में संचालित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक एवं नियोक्ता सरलता से इसका लाभ उठा सकें।

विज ने कहा कि “श्रममित्र” ऐप दैनिक रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए एक प्रकार से “इलेक्ट्रॉनिक एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज” के रूप में कार्य करेगा और आने वाले समय में पारंपरिक लेबर चौक व्यवस्था धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अब श्रमिकों को काम की तलाश में घंटों लेबर चौक पर खड़ा रहने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे घर बैठे अपने मोबाइल फोन के माध्यम से रोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि श्रमिकों और नियोक्ताओं को आधुनिक डिजिटल सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा “श्रममित्र” नामक इस मोबाइल एप्लिकेशन को विकसित किया गया है।

श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस ऐप को विशेष रूप से लेबर चौक पर खड़े श्रमिकों को डिजिटल सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ऐप में श्रमिक अपनी कार्य-कुशलता, अनुभव एवं विशेषज्ञता की विस्तृत जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसमें राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, माली, पेंटर, वेल्डर सहित विभिन्न ट्रेडों से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नाई, मोची तथा अन्य स्वरोजगार से जुड़े कार्यों का पंजीकरण भी इस प्लेटफॉर्म पर किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि जिन श्रम-नियोक्ताओं को किसी कार्य के लिए श्रमिकों की आवश्यकता होगी, वे भी अपनी जरूरत के अनुसार कार्य का विवरण ऐप पर दर्ज कर सकेंगे। इसके माध्यम से नियोक्ता अपनी आवश्यकतानुसार कुशल एवं अकुशल श्रमिकों को आसानी और तेजी से खोज सकेंगे। श्रमिक और नियोक्ता दोनों इस ऐप के माध्यम से सीधे आपस में संवाद भी कर सकेंगे। ऐप में कार्य की राशि, कार्य अवधि, श्रमिक के अनुभव तथा अन्य आवश्यक शर्तों पर चर्चा करने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।

विज ने कहा कि अब श्रमिक अपने घर बैठे ही यह देख सकेंगे कि किस क्षेत्र में किस प्रकार का कार्य उपलब्ध है और उन्हें रोजगार के लिए चौक पर जाकर खड़ा होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि “श्रममित्र” ऐप डिजिटल तकनीक के माध्यम से श्रमिकों के सम्मान, सुविधा और रोजगार सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा तथा श्रमिकों को एक संगठित एवं सुरक्षित कार्य व्यवस्था से जोड़ेगा।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में श्रम विभाग में पंजीकृत लगभग 75 हजार श्रमिकों का डाटा इस ऐप पर अपलोड किया जा चुका है। इसके साथ ही श्रम विभाग के कर्मचारी विभिन्न लेबर चौकों पर जाकर श्रमिकों के मोबाइल फोन में यह ऐप इंस्टॉल करवाने में सहयोग भी करेंगे, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ सकें।

श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि “श्रममित्र” ऐप एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा और इसका उपयोग पूरे हरियाणा के श्रमिक एवं श्रम-नियोक्ता कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऐप पूर्णतः निशुल्क होगा और इसे श्रमिकों तथा नियोक्ताओं की सुविधा और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।

उन्होंने कहा कि “श्रममित्र” ऐप केवल एक मोबाइल एप्लिकेशन नहीं, बल्कि श्रम क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की एक नई क्रांति है। यह ऐप जियो-मैपिंग तकनीक के साथ संचालित होगा, जिसके माध्यम से श्रमिकों और नियोक्ताओं को एक-दूसरे की दूरी, लोकेशन तथा आने-जाने के समय की लाइव जानकारी भी प्राप्त होती रहेगी। इससे समय की बचत होगी और कार्य प्रक्रिया अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुगम बनेगी।

विज ने बताया कि वर्तमान में श्रम विभाग के पास राज्य के सभी लेबर चौकों का विस्तृत डाटा उपलब्ध है तथा प्रदेश में लगभग 135 लेबर चौक संचालित हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “श्रममित्र” ऐप के व्यापक उपयोग के साथ आने वाले समय में पारंपरिक लेबर चौक व्यवस्था स्वतः समाप्त होती जाएगी और श्रम क्षेत्र पूरी तरह डिजिटल, संगठित एवं सुव्यवस्थित स्वरूप में परिवर्तित हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को भी इस ऐप के माध्यम से श्रम की मांग और आपूर्ति की निगरानी करने, योजनाओं के उपयोग का आकलन करने तथा वास्तविक आंकड़ों के आधार पर नीतिगत निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। श्री विज ने कहा कि “श्रममित्र” ऐप श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों के लिए स्थायी लाभ सुनिश्चित करेगा। नियोक्ताओं को तेज एवं सरल भर्ती प्रक्रिया, सत्यापित एवं कुशल श्रमिकों तक पहुंच, बिचौलियों पर कम निर्भरता तथा डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से श्रमशक्ति की बेहतर योजना बनाने में सहायता मिलेगी। वहीं, श्रमिकों को रोजाना श्रम चौक पर खड़े रहने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी, सभी को समान रोजगार अवसर प्राप्त होंगे, बिचौलियों के शोषण से राहत मिलेगी तथा सरकारी योजनाओं एवं कौशल विकास कार्यक्रमों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार श्रमिकों के कल्याण, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा “श्रममित्र” ऐप श्रम क्षेत्र को आधुनिक, सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। यह पहल प्रदेश के लाखों श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ हरियाणा को डिजिटल श्रम प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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