Edited By Krishan Rana, Updated: 01 Jun, 2026 05:19 PM

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि रेवाड़ी में बन रहा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था
हरियाणा डेस्क : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि रेवाड़ी में बन रहा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देगा। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने तक यहां ओपीडी सेवाएं शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स में 50 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दे दी है, जिससे इसी साल शैक्षणिक गतिविधियां भी शुरू की जा सकेंगी।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, रेवाड़ी एम्स शुरू होने से दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए भी नए अवसर उपलब्ध होंगे।
आरती सिंह राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में हरियाणा सरकार भी कदम बढ़ा रही है। राज्य के सभी सिविल अस्पतालों में सोलर प्लांट लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोलर प्लांट लगने से अस्पताल अपनी जरूरत की बिजली खुद तैयार कर सकेंगे। इससे बिजली पर होने वाला खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल ऊर्जा बचत के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण बनाने में भी मदद करेगी।
मेडिकल शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा दोनों को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। हरियाणा में कई नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक छात्रों को चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिल सके।
उन्होंने जानकारी दी कि जींद में बन रहा मेडिकल कॉलेज लगभग तैयार हो चुका है। उम्मीद है कि इसका हैंडओवर इसी वर्ष मिल जाएगा। इसके बाद नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से जरूरी मंजूरियां ली जाएंगी और सीटों की संख्या तय कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कुटेल, यमुनानगर, कैथल और सिरसा में भी तेजी से काम
आरती सिंह राव ने बताया कि करनाल जिले के कुटेल में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके अलावा यमुनानगर, कैथल और सिरसा में भी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण तेजी से चल रहा है। इन संस्थानों के शुरू होने से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
साथ ही मेडिकल शिक्षा का दायरा भी बढ़ेगा और छात्रों को अपने राज्य में ही पढ़ाई के अधिक अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने विश्वास जताया कि जींद और कुटेल मेडिकल कॉलेजों का हैंडओवर इसी वर्ष हो जाएगा।
इसके बाद आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर छात्रों के लिए प्रवेश शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा देना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रेवाड़ी एम्स और अन्य नए मेडिकल संस्थानों के शुरू होने से हरियाणा आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
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