Edited By Harman, Updated: 04 Aug, 2026 05:26 PM

हरियाणा सरकार ने डिजिटल सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राज्य के सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों, जिला एवं अधीनस्थ कार्यालयों में तुरंत प्रभाव से ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा सरकार ने डिजिटल सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राज्य के सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों, जिला एवं अधीनस्थ कार्यालयों में तुरंत प्रभाव से ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब सभी सरकारी फाइलों एवं आधिकारिक पत्राचार का निपटान और आवागमन केवल ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों तथा विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, ई-ऑफिस, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित एक प्रमुख ई-गवर्नेंस प्रणाली है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली को पेपरलेस, पारदर्शी, दक्ष और जवाबदेह बनाना है। हरियाणा में यह प्रणाली वर्ष 2017 से चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है, जिससे फाइलों के निपटान में तेजी, रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिला है।
मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों एवं संबंधित अधिकारियों को अपने अधीन कार्यालयों में ई-ऑफिस का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, आवश्यक यूजर आईडी, डिजिटल सिग्नेचर, कर्मचारियों के प्रशिक्षण तथा सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने यह भी कहा है कि सरकारी कार्यों का अधिकतम निपटान डिजिटल माध्यम से किया जाए, भौतिक फाइलों के उपयोग को न्यूनतम रखा जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर विभाग एनआईसी हरियाणा, हारट्रॉन अथवा राज्य की ई-ऑफिस सहायता टीम से तकनीकी सहयोग प्राप्त करें। सभी विभागों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।