Edited By Krishan Rana, Updated: 04 Aug, 2026 08:11 PM

हरियाणा में बिजली क्षेत्र से जुड़े विवाद और 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल के बीच राज्य सरकार
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा में बिजली क्षेत्र से जुड़े विवाद और 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने समाधान की दिशा में पहल करते हुए कर्मचारी संगठनों और अभियंताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज बुधवार को दोपहर तीन बजे चंडीगढ़ सचिवालय में बिजली कर्मचारियों तथा इंजीनियर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।
बैठक में हरियाणा की पांचों इंजीनियर्स एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) की ओर से सभी संबंधित संगठनों को औपचारिक निमंत्रण भेज दिया गया है।
इस बीच, हरियाणा में प्रस्तावित हड़ताल को देशभर के विभिन्न बिजली कर्मचारी और अभियंता संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। इससे आंदोलन का दायरा व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।
बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं का कहना है कि सरकार गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण व्यवस्था निजी कंपनियों को सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी आशंका के चलते कर्मचारी संगठन निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। इस मामले में हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के समक्ष दायर याचिका पर सुनवाई जारी है। आयोग द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट का भी कर्मचारी संगठन इंतजार कर रहे हैं।
सरकार ने हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा तथा एचएसईबी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को भी वार्ता के लिए बुलाया है। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 25 जुलाई और डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने 28 जुलाई को अपनी मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद सरकार ने औपचारिक बातचीत का निर्णय लिया है।
अब सभी की नजर ऊर्जा मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक पर रहेगी। यदि वार्ता सकारात्मक रही तो 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित हड़ताल टल सकती है, जबकि सहमति नहीं बनने की स्थिति में बिजली क्षेत्र में बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।
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