Edited By Isha, Updated: 05 Aug, 2026 08:44 AM
उत्तर भारत के फूल कारोबार का केंद्र अब केवल दिल्ली की गाजीपुर फूल मंडी तक सीमित नहीं रहेगा। हरियाणा सरकार गुरुग्राम में लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का पहला अत्याधुनिक फ्लावर ट्रेड हब विकसि
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी): उत्तर भारत के फूल कारोबार का केंद्र अब केवल दिल्ली की गाजीपुर फूल मंडी तक सीमित नहीं रहेगा। हरियाणा सरकार गुरुग्राम में लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का पहला अत्याधुनिक फ्लावर ट्रेड हब विकसित करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिलने के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
यह परियोजना पारंपरिक फूल मंडी की अवधारणा से आगे बढ़कर एक ऐसे आधुनिक बिजनेस सेंटर के रूप में विकसित होगी, जहां फूलों के उत्पादन से लेकर ग्रेडिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, परिवहन और निर्यात तक की संपूर्ण व्यवस्था एक ही परिसर में उपलब्ध होगी। इससे हरियाणा सहित पूरे एनसीआर के फूल उत्पादकों और व्यापारियों को नया संगठित बाजार मिलेगा।
दिल्ली पर निर्भरता होगी कम
अब तक हरियाणा और आसपास के राज्यों के अधिकांश फूल उत्पादकों को बड़े स्तर पर कारोबार के लिए दिल्ली की गाजीपुर मंडी पर निर्भर रहना पड़ता था। लंबी दूरी तय करने से परिवहन खर्च बढ़ने के साथ-साथ नाजुक फूलों की गुणवत्ता प्रभावित होने का जोखिम भी बना रहता था। गुरुग्राम में नया ट्रेड हब शुरू होने से कारोबारियों को समय और लागत दोनों में राहत मिलने की उम्मीद है।
एक ही परिसर में पूरी कारोबारी व्यवस्था
बोटैनिकल गार्डन के निकट हॉर्टिकल्चर विभाग की करीब छह एकड़ भूमि पर बनने वाले इस परिसर में आधुनिक ग्रेडिंग यूनिट, पैकेजिंग सेंटर, गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, लोडिंग-अनलोडिंग जोन, पार्किंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे किसान, थोक व्यापारी, खुदरा विक्रेता और निर्यातक बिना अलग-अलग स्थानों पर भटकने के एक ही जगह पूरी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
एनसीआर और एयरपोर्ट की निकटता बनेगी सबसे बड़ी ताकत
गुरुग्राम की रणनीतिक स्थिति इस परियोजना को विशेष बढ़त देती है। दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद जैसे बड़े उपभोक्ता बाजारों के साथ इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की निकटता के कारण यहां से देश और विदेश के बाजारों तक फूलों की तेज आपूर्ति संभव होगी। आधुनिक कोल्ड चेन नेटवर्क फूलों की गुणवत्ता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद
नई व्यवस्था से फूल उत्पादकों को बेहतर खरीदार, वैज्ञानिक भंडारण और व्यवस्थित विपणन व्यवस्था का लाभ मिलेगा। वहीं व्यापारियों की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित रहने से उन्हें बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी। होटल उद्योग, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और निर्यातकों को भी एक संगठित व्यापारिक मंच उपलब्ध होगा।
बजट घोषणा से जमीन पर उतरने की तैयारी
इस परियोजना की घोषणा वर्ष 2025-26 के राज्य बजट में की गई थी। भूमि चयन, तकनीकी अध्ययन और संचालन मॉडल तैयार होने के बाद अब डीपीआर को अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और हॉर्टिकल्चर विभाग संयुक्त रूप से इसके निर्माण और संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।
उत्तर भारत के फ्लोरीकल्चर को मिलेगी नई पहचान
विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुग्राम फ्लावर ट्रेड हब केवल एक नई मंडी नहीं होगा, बल्कि उत्तर भारत के फ्लोरीकल्चर क्षेत्र के लिए आधुनिक कारोबारी इकोसिस्टम तैयार करेगा। इससे निवेश, रोजगार, मूल्य संवर्धन और निर्यात को नई गति मिलेगी तथा आने वाले समय में उत्तर भारत के फूल कारोबार का बड़ा हिस्सा गुरुग्राम की ओर आकर्षित हो सकता है।
"गुरुग्राम में प्रस्तावित फ्लावर ट्रेड हब को पारंपरिक मंडी के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक एकीकृत कारोबार केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां फूल उत्पादकों, व्यापारियों और निर्यातकों को खरीद-बिक्री, ग्रेडिंग, भंडारण, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स जैसी सभी सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी। डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे हरियाणा के फ्लोरीकल्चर क्षेत्र को संगठित बाजार और नए व्यावसायिक अवसर मिलेंगे।"
— धर्मेंद्र सिंह, मुख्य प्रशासक, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड