Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 28 Jul, 2026 07:36 PM

यातायात पुलिस के अनुसार जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की वैज्ञानिक पहचान, विश्लेषण और इंजीनियरिंग सुधारों के चलते जिले में खतरनाक स्थानों की संख्या 32 से घटकर अब 22 रह गई है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): यातायात पुलिस के अनुसार जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की वैज्ञानिक पहचान, विश्लेषण और इंजीनियरिंग सुधारों के चलते जिले में खतरनाक स्थानों की संख्या 32 से घटकर अब 22 रह गई है। यातायात पुलिस के इस ठोस कदम से गुरुग्राम में सड़क हादसों और उनमें होने वाली जनहानि में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
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पुलिस उपायुक्त यातायात के सख्त निर्देशों के तहत यातायात पुलिस की विशेष टीम ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं का गहन अध्ययन किया। इस अभियान में सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात मुख्यालय/हाईवे) सत्यपाल यादव , हाईवे इंस्पेक्टर महाबीर, यातायात थाना प्रबंधक (प्रथम) सुरेश, थाना प्रबंधक (द्वितीय) मनोज, ट्रैफिक इंजीनियरिंग सेल टीम और मुख्य सिपाही रण सिंह ने बेहद अहम भूमिका निभाई। मुख्य सिपाही रण सिंह और टीईसी टीम ने हादसों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व स्थानीय नागरिक निकायों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर सड़कों के डिजाइन में आवश्यक सुधारात्मक उपाय (जैसे साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, लाइटिंग व रोड मार्किंग) सुनिश्चित कराए।
यातायात पुलिस के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वालों का चालान काटना नहीं है, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाकर प्रत्येक नागरिक की यात्रा को सुगम व दुर्घटनामुक्त बनाना है। भविष्य में भी दुर्घटना संभावित स्थलों की नियमित समीक्षा, सुरक्षा ऑडिट, इंजीनियरिंग सुधार और जन-जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे।